रैपिड और लोकल कैटेगरी की बुलेट ट्रेनें चलाने की योजना, 2030 तक 350 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली स्वदेशी ई10 ट्रेन पटरी पर आने की उम्मीद
राहुल गुप्ता
मुंबई, 20 सितंबर।
मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर पर काम तेजी से आगे बढ़ रहा है और परियोजना का करीब 80 फीसदी काम पूरा होने की बात कही जा रही है। इस रूट पर भारतीय रेलवे और नेशनल हाई-स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड यानी एनएचएसआरसीएल दो अलग-अलग कैटेगरी की बुलेट ट्रेनें चलाने की तैयारी कर रहे हैं। इसी तरह की व्यवस्था दिल्ली-वाराणसी और भविष्य के अन्य हाई स्पीड रेल रूट पर भी अपनाई जा सकती है।
जापान से 350 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली बुलेट ट्रेन मिलने में देरी के बीच भारत ने इसी क्षमता की स्वदेशी ई10 बुलेट ट्रेन विकसित करने की दिशा में काम तेज किया है। मेड इन इंडिया बुलेट ट्रेन को 2030 तक पटरी पर उतारने की तैयारी है।
बुलेट ट्रेन का किराया 6 से 7 हजार रुपये तक पहुंच सकता है
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना की लागत शुरुआती अनुमान से काफी बढ़ चुकी है। एनएचएसआरसीएल के अनुसार, परियोजना की लागत करीब 1.1 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 2 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई है।
शुरुआत में मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन का किराया करीब 3 हजार रुपये रहने का अनुमान लगाया गया था। अब इसके 6 से 7 हजार रुपये तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, किराये का अंतिम आंकड़ा अभी तय नहीं हुआ है।
परियोजना की शुरुआती फंडिंग 0.25 फीसदी ब्याज दर वाले कर्ज से हुई थी। बढ़ी हुई लागत को पूरा करने के लिए सरकार रियायती दरों पर कर्ज लेने की तैयारी कर रही है।
अगले साल अप्रैल-मई से बुलेट ट्रेन के ट्रायल शुरू होने की बात कही गई है। वहीं, 15 अगस्त 2027 से सूरत से विलिमोरा के बीच बुलेट ट्रेन सेवा के एक हिस्से का उद्घाटन प्रस्तावित है।
क्या है रैपिड बुलेट ट्रेन
रैपिड बुलेट ट्रेन को कम स्टॉप वाली सेवा के तौर पर चलाने की योजना है। यह ट्रेन सिर्फ प्रमुख स्टेशनों साबरमती, वडोदरा, सूरत और बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स यानी बीकेसी पर रुकेगी।
रैपिड ट्रेन 508 किलोमीटर की दूरी करीब 2 घंटे 7 मिनट में पूरी कर सकेगी। इससे मुंबई और अहमदाबाद जैसे प्रमुख कारोबारी केंद्रों के बीच तेज कनेक्टिविटी मिलेगी। कम स्टॉप होने के कारण इस सेवा का किराया भी सामान्य सेवा की तुलना में अधिक रहने की संभावना है।
लोकल बुलेट ट्रेन में सभी स्टेशनों पर ठहराव
लोकल बुलेट ट्रेन मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर के सभी स्टेशनों पर रुकेगी। इसकी अधिकतम रफ्तार 320 किलोमीटर प्रति घंटे तक हो सकती है। सभी स्टेशनों पर रुकने और दोबारा गति पकड़ने के कारण इस सेवा से पूरा सफर करीब 3 घंटे में पूरा होने का अनुमान है।
इस सेवा में साबरमती, कालूपुर, आनंद, वडोदरा, भरूच, सूरत, विलिमोरा, वापी, बोईसर, विरार, ठाणे और मुंबई के बीकेसी स्टेशन शामिल हैं। इससे वापी, भरूच, विरार और ठाणे जैसे शहरों और औद्योगिक क्षेत्रों को हाई स्पीड रेल कनेक्टिविटी मिल सकेगी।
एक दिन में 70 फेरे लगाने की योजना
एनएचएसआरसीएल की शुरुआती योजना के अनुसार, मुंबई-अहमदाबाद रूट पर अप और डाउन मिलाकर एक दिन में करीब 70 फेरे लगाए जा सकते हैं। व्यस्त समय में हर 20 मिनट और सामान्य समय में हर 30 मिनट पर ट्रेन उपलब्ध कराने की योजना है।
मुंबई-अहमदाबाद रूट पर जापान की शिंकानसेन तकनीक पर आधारित ट्रेनें चलाने की योजना है। हालांकि, कोच की आपूर्ति में देरी के कारण 2027 से स्वदेशी बी28 कोच इस्तेमाल किए जाने की संभावना है।
भारतीय रेलवे और बीईएमएल मिलकर स्वदेशी बुलेट ट्रेन के परीक्षण के लिए 8 कोच वाला प्रोटोटाइप ट्रेनसेट तैयार कर रहे हैं।
एक ट्रेन में 1300 यात्रियों तक की क्षमता
बुलेट ट्रेन के स्टैंडर्ड यानी इकोनॉमी क्लास के एक कोच में करीब 85 से 100 यात्रियों के बैठने की व्यवस्था होगी। वहीं, एग्जीक्यूटिव या बिजनेस क्लास कोच में अधिक जगह वाली सीटों के कारण करीब 50 से 55 यात्रियों की क्षमता होगी।
10 कोच वाली ट्रेन में करीब 750 यात्री और 16 कोच वाली ट्रेन में 1,250 से 1,300 यात्री सफर कर सकेंगे।
मुंबई-अहमदाबाद रूट पर शुरुआत में 24 ट्रेन सेट खरीदे जाने की योजना है। मांग बढ़ने के साथ इनकी संख्या दो से तीन गुना तक बढ़ाई जा सकती है। बुलेट ट्रेन सेवा को सुबह 6 बजे से रात 12 बजे तक संचालित करने की तैयारी है।
पढ़ने के लिए धन्यवाद
आपका समय और भरोसा हमारे लिए बहुत मायने रखता है। अगर यह खबर आपके लिए उपयोगी रही, तो हमसे जुड़े रहें — हर ज़रूरी खबर के लिए Newsam को फ़ॉलो करें।