मनोज जरांगे ने सरकार को दिया 90 दिन का समय, सातारा गजट लागू नहीं हुआ तो मुंबई पहुंचने की चेतावनी

मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे ने अनशन स्थगित करने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि सरकार को तीन महीने का समय दिया जा रहा है, लेकिन आंदोलन जारी रहेगा।

राहुल गुप्ता
बीड, 17 सितंबर।

जालना के अंतरवाली सराटी से मुंबई की ओर निकले मराठा आंदोलनकारी मनोज जरांगे ने सरकार को तीन महीने यानी 90 दिनों का समय दिया है। उन्होंने मांग की है कि इस अवधि के भीतर सातारा गजट को लागू किया जाए। जरांगे ने कहा कि अगर सरकार ने तीन महीने के भीतर उनकी मांगों को लेकर धोखा दिया, तो वह मुंबई पहुंचेंगे।

मनोज जरांगे ने यह भी स्पष्ट किया कि वह आज से अपना अनशन स्थगित कर रहे हैं, लेकिन मराठा आरक्षण को लेकर आंदोलन जारी रहेगा।

पाटोदा में सरकार के प्रतिनिधिमंडल से हुई बातचीत

मनोज जरांगे से मुलाकात के लिए महाराष्ट्र सरकार का प्रतिनिधिमंडल बीड के पाटोदा पहुंचा। इसमें मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटील, मंत्री दादा भुसे, विधायक प्रसाद लाड, विधायक सुरेश धस और बीड के जिलाधिकारी शामिल थे।

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प्रतिनिधिमंडल ने मनोज जरांगे के साथ मांगों को लेकर बातचीत की। इसके बाद सुबह करीब 6 बजे जरांगे और सरकार के प्रतिनिधिमंडल के बीच संयुक्त रूप से चर्चा हुई। बातचीत के बाद जरांगे ने सरकार को तीन महीने का समय देने का ऐलान किया।

‘सरकार ने धोखा दिया तो मुंबई पहुंचेंगे’

जरांगे ने कहा कि सरकार को सातारा गजट लागू करने के लिए 90 दिनों का समय दिया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस अवधि में अगर सरकार ने मांग पूरी नहीं की या धोखा दिया, तो वह मुंबई की ओर आगे बढ़ेंगे।

उन्होंने समर्थकों से फिलहाल वापस लौटने की अपील भी की। जरांगे के मुताबिक, करीब 1 लाख 7 हजार समर्थक मुंबई पहुंच चुके हैं। उन्होंने कहा कि अभी समर्थक वापस लौटें, लेकिन अगर सरकार की ओर से मांगों को लेकर धोखा होता है तो आंदोलन दोबारा तेज किया जाएगा।

‘शारीरिक रूप से थक चुका हूं’

अनशन के 18वें दिन जरांगे ने अपनी शारीरिक स्थिति का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वह काफी थक चुके हैं और हजारों समर्थकों के साथ लंबी यात्रा जारी रखना उनके लिए मुश्किल है।

उन्होंने मराठा समुदाय के लोगों से कहा कि पाटोदा से आगे निकलने के बाद वे उनकी गाड़ी के पीछे न आएं। इसके बजाय उन्होंने समर्थकों से सीधे खोपोली में मिलने का आग्रह किया।

जरांगे ने चेतावनी दी कि अगर काफिला लगातार उनके पीछे चलता रहा तो वह यात्रा रोक सकते हैं और पाटोदा में दोबारा धरना शुरू करने या अंतरवाली सराटी लौटने का फैसला कर सकते हैं।

रात में भी बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद रहे

मनोज जरांगे रात करीब 1.30 बजे कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे, लेकिन उस समय भी हजारों समर्थक उनका इंतजार कर रहे थे। इनमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं।

सभा को संबोधित करते हुए जरांगे ने कहा कि 12 सितंबर को आईवी फ्लूइड बंद किए जाने के बाद उनकी शारीरिक स्थिति काफी कमजोर हो गई थी और वह मुश्किल से अपने हाथ-पैर हिला पा रहे थे। इसके बावजूद उन्होंने समर्थकों से आंदोलन को लेकर संयम बनाए रखने और सरकार को दिए गए समय के दौरान आगे की स्थिति पर नजर रखने की अपील की।

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