17 दिन से जारी भूख हड़ताल के बीच जरांगे जालना से मुंबई के लिए निकले, करीब 400 किलोमीटर की यात्रा करेंगे; सरकार ने पूरे मार्ग पर सुरक्षा बढ़ाई
राहुल गुप्ता
जालना, 16 सितंबर।
महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण की मांग को लेकर मनोज जरांगे जालना जिले से मुंबई के लिए रवाना हो गए हैं। मुंबई पुलिस ने उन्हें आजाद मैदान में प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। इसके बावजूद जरांगे ने मुंबई जाने का फैसला किया है। वह पिछले 17 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं और मुंबई पहुंचने से पहले करीब 400 किलोमीटर का सफर तय करेंगे।
जरांगे के काफिले में अलग-अलग गांवों से लोग जुड़ रहे हैं। सरकार ने उनके पूरे यात्रा मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है।
पांच से दस साथियों के साथ मुंबई जाएंगे जरांगे
मुंबई जाने के लिए जरांगे ने अपनी पहले की योजना में बदलाव किया है। अब वह शुरुआत में सिर्फ पांच से दस साथियों के साथ आगे बढ़ रहे हैं। उनके तय मार्ग में बीड का पातोड़ा, अहिल्यानगर का श्रीगोंदा, पुणे का हडपसर और रायगढ़ का खोपोली शामिल है। जरांगे के 19 सितंबर को मुंबई पहुंचने की योजना है।
जरांगे ने कहा कि बॉम्बे हाईकोर्ट पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने वाले लोगों को रोका नहीं जा सकता।
फडणवीस ने गणेशोत्सव का हवाला देकर उठाए सवाल
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि गणेशोत्सव के दौरान किसी को परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने आंदोलन के समय को लेकर भी सवाल उठाए हैं।
फडणवीस के मुताबिक, सरकार ने जरांगे की 13 में से 12 मांगें मान ली हैं और बची हुई एक मांग को लेकर मौजूद कानूनी अड़चनों के बारे में भी उन्हें बताया गया है।
सुरक्षा के लिए 648 जवान तैनात
जरांगे की मुंबई यात्रा को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। पूरे मार्ग पर कुल 648 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। इनमें पुलिस अधिकारी, होमगार्ड और रैपिड सिटी पुलिस की टुकड़ियां शामिल हैं।
पुलिस की नजर काफिले की गतिविधियों और रास्ते में जुड़ने वाले लोगों पर भी रहेगी।
जरांगे ने फडणवीस पर लगाए गंभीर आरोप
मनोज जरांगे ने आरोप लगाया कि उन्हें नुकसान पहुंचाने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने इस मामले में सीधे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर निशाना साधा है। हालांकि, इन आरोपों पर सरकार की ओर से अलग-अलग दावे और प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।
जरांगे की पत्नी सुमित्रा ने कहा कि सरकार ने समय पर फैसला नहीं लिया, इसलिए उनके पति को मुंबई जाने के लिए मजबूर होना पड़ा। उन्होंने मुख्यमंत्री की पत्नी अमृता फडणवीस का जिक्र करते हुए उनसे अपने पति से जरांगे की आरक्षण संबंधी मांग पर फैसला कराने की अपील भी की।
वारिस पठान ने मराठा समाज की मांग का समर्थन किया
एआईएमआईएम नेता वारिस पठान ने कहा कि उनकी पार्टी मराठा समाज की जायज मांगों का समर्थन करती रही है। साथ ही उन्होंने धनगर समाज और पिछड़े मुसलमानों, खासकर पसमांदा समुदाय के लिए भी आरक्षण की मांग रखी।
पठान ने कहा कि बॉम्बे हाईकोर्ट ने मुसलमानों को शिक्षा में 5 प्रतिशत आरक्षण देने की सिफारिश की थी, लेकिन उनके मुताबिक भाजपा सरकार ने इसे लागू नहीं किया।
2025 में भी आजाद मैदान में हुआ था आंदोलन
मनोज जरांगे ने अगस्त 2025 में भी मुंबई के आजाद मैदान में बड़ा आंदोलन किया था। यह आंदोलन 2 सितंबर 2025 को सरकार की ओर से उनकी आठ में से छह मांगें मान लिए जाने के बाद समाप्त हुआ था। इस बार जरांगे फिर मराठा आरक्षण की मांग को लेकर मुंबई की ओर बढ़ रहे हैं।
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