स्वीडन में सांसद बनते ही नीला विखे पाटील का बड़ा बयान, बोलीं- मेरी जीत का श्रेय लेने की कोशिश न करें

राहुल गुप्ता
मुंबई, 27 सितंबर। स्वीडन की संसद के लिए चुनी गईं नीला विखे पाटील ने अपनी जीत को लेकर महाराष्ट्र के विखे पाटील परिवार की राजनीति पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने अपने चाचा और महाराष्ट्र के मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटील तथा उनके बेटे सुजय विखे पाटील पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी राजनीतिक सफलता का श्रेय लेने की कोशिश नहीं की जानी चाहिए। नीला के इन बयानों की रिपोर्ट कई मीडिया संस्थानों ने की है।

10 साल से संपर्क नहीं होने का दावा

एक समाचार एजेंसी को दिए इंटरव्यू में नीला ने दावा किया कि पिछले करीब 10 वर्षों से राधाकृष्ण विखे पाटील और सुजय विखे पाटील से उनका कोई संपर्क नहीं है। उन्होंने अपनी राजनीतिक यात्रा को परिवार की राजनीति से अलग बताते हुए अपनी उपलब्धियों का श्रेय अपने काम और राजनीतिक सफर को दिया।

नीला के बयान के मुताबिक, स्वीडन में उनकी राजनीतिक पहचान ग्रीन पार्टी के साथ काम करने से बनी है। स्वीडन की संसद की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, नीला विखे पाटील ग्रीन पार्टी से हैं और स्टॉकहोम निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करती हैं।

शिक्षाविद् अशोक विखे पाटील की बेटी हैं नीला

नीला विखे पाटील महाराष्ट्र के शिक्षाविद् डॉ. अशोक विखे पाटील की बेटी और पूर्व केंद्रीय मंत्री बालासाहेब विखे पाटील की पोती हैं। उनका जन्म स्वीडन में हुआ था और बचपन का एक हिस्सा अहिल्यानगर में बीता। उन्होंने अर्थशास्त्र और कानून की पढ़ाई के साथ एमबीए किया है।

नीला लंबे समय से स्वीडिश राजनीति में सक्रिय रही हैं। वह स्वीडन के तत्कालीन प्रधानमंत्री स्टीफन लोफवेन के कार्यालय में राजनीतिक सलाहकार के रूप में काम कर चुकी हैं। इसके अलावा वह स्टॉकहोम सिटी काउंसिल की सदस्य भी रही हैं।

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स्टॉकहोम से स्वीडन की संसद पहुंचीं

13 सितंबर 2026 को हुए स्वीडन के राष्ट्रीय चुनाव में नीला विखे पाटील स्टॉकहोम सिटी निर्वाचन क्षेत्र से ग्रीन पार्टी के उम्मीदवार के तौर पर चुनी गईं। स्वीडन की संसद की आधिकारिक वेबसाइट पर उनका कार्यकाल 28 सितंबर 2026 से दर्ज है।

नीला के चुनाव जीतने के बाद राधाकृष्ण विखे पाटील ने सार्वजनिक रूप से उन्हें बधाई दी थी। उन्होंने उनकी उपलब्धि को परिवार के लिए गर्व की बात बताया था।

पार्टी बदलने को लेकर भी दिया जवाब

नीला ने पार्टी बदलने के मुद्दे पर भी अपना रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि वह ग्रीन पार्टी के साथ हैं और भविष्य में पार्टी बदलने का उनका इरादा नहीं है। उनके इस बयान को राधाकृष्ण विखे पाटील और परिवार की राजनीतिक पृष्ठभूमि से जोड़कर देखा जा रहा है।

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