‘शिवाजी और मावलों का अपमान महाराष्ट्र बर्दाश्त नहीं करेगा’
मुंबई, 01 अक्टूबर। मुंबई के शिवाजी पार्क में प्रस्तावित आंदोलन को लेकर मत्स्य पालन एवं बंदरगाह मंत्री नितेश राणे ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह आंदोलन दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए कथित ‘राष्ट्रविरोधी आंदोलन’ का दूसरा चरण है। राणे ने कहा कि आंदोलन के नाम पर छत्रपति शिवाजी महाराज और उनके मावलों का अपमान करने का प्रयास किया जा रहा है, जिसे महाराष्ट्र स्वीकार नहीं करेगा। वे गुरुवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित पत्रकार परिषद में बोल रहे थे।
‘विरोध व्यक्तियों से नहीं, कथित एजेंडे से’
राणे ने कहा कि उनका विरोध किसी विशेष व्यक्ति से नहीं, बल्कि उनके अनुसार राष्ट्रविरोधी और संविधान-विरोधी गतिविधियों का समर्थन करने वाले एजेंडे से है। उन्होंने दावा किया कि मुंबई में जंतर-मंतर जैसा माहौल बनाने का प्रयास किया जा रहा है। राणे के अनुसार, सोशल मीडिया पर प्रसारित एक ग्राफिक में छत्रपति शिवाजी महाराज और मावलों की आपत्तिजनक तरीके से तुलना की गई है। उन्होंने इसे शिवाजी महाराज और स्वराज्य के लिए बलिदान देने वाले मावलों का अपमान बताया।
ठाकरे बंधुओं पर भी निशाना
नितेश राणे ने उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि हिंदुत्व और छत्रपति शिवाजी महाराज के विचारों की बात करने वाले ठाकरे बंधुओं को शिवाजी महाराज तथा हिंदू देवी-देवताओं का कथित अपमान करने वाले तत्वों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करनी चाहिए थी। राणे ने दावा किया कि दोनों ठाकरे ऐसे आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके लिए पार्टी और पद से अधिक छत्रपति शिवाजी महाराज और महाराष्ट्र की अस्मिता महत्वपूर्ण है।
शांतिपूर्ण आंदोलन के अधिकार का समर्थन
राणे ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने के अधिकार का सरकार विरोध नहीं करती। हालांकि, उन्होंने कहा कि यदि आंदोलन की आड़ में किसी ऐतिहासिक या राजनीतिक व्यक्ति के नाम पर छत्रपति शिवाजी महाराज का अपमान किया जाता है या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश होती है, तो पुलिस प्रशासन को गंभीरता से कार्रवाई करनी चाहिए।
उन्होंने विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे ‘वोट चोरी’ के आरोपों को भी खारिज करते हुए कहा कि ये आरोप उनके अनुसार राजनीतिक असफलता से ध्यान हटाने का प्रयास हैं।
आयोजकों से माफी और पुलिस कार्रवाई की मांग
राणे ने संबंधित सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर आंदोलन के आयोजक अभिजीत दीपके से तत्काल सार्वजनिक माफी मांगने की मांग की। साथ ही उन्होंने मुंबई पुलिस से आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट और प्रस्तावित आंदोलन की गंभीरता से जांच कर कानून के अनुसार कार्रवाई करने की मांग की।
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