साहिल वाकोड़े की मौत की निष्पक्ष जांच और आरोपितों पर कार्रवाई की मांग
आजाद मैदान में शुरू किया अनिश्चितकालीन अनशन
न्यूज़म ब्यूरो
मुंबई, 25 सितंबर। आईआईटी बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोड़े की मौत के मामले में उनके माता-पिता ने न्याय की मांग को लेकर गुरुवार को मुंबई के आजाद मैदान में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी। माता-पिता का आरोप है कि उनके बेटे को संस्थान में कथित जातिगत भेदभाव और मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा था। उन्होंने मामले में नामजद लोगों के खिलाफ कार्रवाई और तेज जांच की मांग की है।
परीक्षा के बाद छात्र की हुई थी मौत
२२ वर्षीय साहिल वाकोड़े आईआईटी बॉम्बे में द्वितीय वर्ष के बीटेक छात्र थे। १८ सितंबर की शाम वह संस्थान के छात्रावास के कमरे में मृत मिले थे। इससे कुछ घंटे पहले परीक्षा के दौरान उनके पास मोबाइल फोन होने और कथित तौर पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित साधन का इस्तेमाल किए जाने को लेकर मामला सामने आया था। घटना के बाद संस्थान में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन शुरू किया।
माता-पिता ने लगाए जातिगत भेदभाव के आरोप
साहिल के पिता रविंद्र वाकोड़े का कहना है कि उनके बेटे ने संस्थान में बार-बार जातिगत भेदभाव का सामना करने की बात परिवार को बताई थी। माता-पिता ने पुलिस में दर्ज प्राथमिकी में एक प्राध्यापक समेत अन्य लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। संबंधित प्राध्यापक का नाम आत्महत्या के लिए उकसाने और जातिगत भेदभाव से जुड़े आरोपों के संदर्भ में प्राथमिकी में दर्ज है। हालांकि मामले की जांच अभी जारी है और आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही होगी।
आईआईटी बॉम्बे ने बनाई दस सदस्यीय समिति
मामले की जांच के लिए आईआईटी बॉम्बे के संचालक मंडल ने दस सदस्यीय समिति गठित की है। समिति छात्र की मौत से जुड़े सभी पहलुओं की जांच करेगी, जिसमें माता-पिता की ओर से लगाए गए जातिगत भेदभाव के आरोप भी शामिल हैं। समिति को एक सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट देने को कहा गया है। मुंबई अपराध शाखा भी मामले की अलग से जांच कर रही है।
पहले मुंबई से बाहर ले जाने का लगाया था आरोप
भूख हड़ताल शुरू करने से एक दिन पहले साहिल के माता-पिता ने आरोप लगाया था कि उन्हें उनकी इच्छा के खिलाफ मुंबई से बाहर ले जाकर वाशिम पहुंचाया गया। परिवार के वकील ने इसे विरोध प्रदर्शन रोकने की कोशिश बताया था। दूसरी ओर, पुलिस ने इस आरोप से इनकार करते हुए कहा था कि परिवार ने खुद वाशिम जाने की इच्छा जताई थी।
जांच के बीच बढ़ा दबाव
माता-पिता ने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष से भी मुलाकात कर मामले की जल्द जांच की मांग की है। इस बीच आईआईटी बॉम्बे परिसर में छात्रों और विभिन्न संगठनों के विरोध प्रदर्शन जारी हैं। संस्थान ने परीक्षा से जुड़े शुरुआती बयानों को लेकर माफी भी मांगी है और कहा है कि मामले से जुड़े तथ्य अभी जांच के अधीन हैं।यह संस्करण आरोपों और जांच की स्थिति को अलग-अलग रखते हुए तैयार किया गया है, ताकि खबर तथ्यात्मक और संतुलित रहे।
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