500 किलोमीटर सड़कें पैदल यात्रियों के लिए अतिक्रमणमुक्त; फुटपाथों को स्थायी रूप से खाली रखने का आयुक्त अश्विनी भिड़े का निर्देश
न्यूज़म ब्यूरो
मुंबई, 17 अक्टूबर। मुंबई में पैदल यात्रियों को सुरक्षित और निर्बाध आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने ‘पैदल यात्री प्रथम’ (Pedestrian First) अभियान के तहत अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई तेज कर दी है। अभियान के पहले चरण में मुंबई के 26 प्रशासनिक विभागों के 399 फुटपाथों से कुल 2,803 अतिक्रमण और फेरीवालों को हटाया गया है। इस कार्रवाई से लगभग 500 किलोमीटर लंबी सड़कों को पैदल यात्रियों के लिए बाधामुक्त बनाया गया है।
महानगरपालिका आयुक्त अश्विनी भिड़े ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि फुटपाथों को पैदल यात्रियों के लिए स्थायी रूप से खाली रखा जाए। नियमों का उल्लंघन कर फुटपाथों पर दुकानें, स्टॉल या अन्य सामान रखकर रास्ता बाधित करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
दिखावे की नहीं, स्थायी कार्रवाई पर जोर
बीएमसी की ओर से सुलभ फुटपाथ (Accessible Footpath) नीति के तहत यह अभियान चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य फुटपाथों से अतिक्रमण हटाने के साथ जरूरत के अनुसार उन्हें चौड़ा करना, मरम्मत करना और आसपास के क्षेत्रों को स्वच्छ रखना है। अस्पतालों, स्कूलों, कॉलेजों, रेलवे स्टेशनों, बस स्टेशनों और अन्य सार्वजनिक स्थानों के आसपास के फुटपाथों को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है।
17 अक्टूबर 2026 को वर्ली स्थित कमांड एंड कंट्रोल सेंटर में बीएमसी के विभिन्न विभागों की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस दौरान आयुक्त अश्विनी भिड़े ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्थानीय परिस्थितियों और नागरिकों की जरूरतों के अनुसार अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि केवल दिखावे के लिए कार्रवाई करने के बजाय नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ प्रभावी कदम उठाए जाएं, ताकि फुटपाथ लंबे समय तक पैदल यात्रियों के लिए उपलब्ध रहें।
फुटपाथों पर अवैध पार्किंग रोकने के निर्देश
आयुक्त ने फुटपाथों पर दोपहिया वाहनों की अवैध पार्किंग रोकने के लिए ठोस उपाय करने को कहा है। इसके लिए यातायात पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर नियमित निगरानी और कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि सार्वजनिक पार्किंग के लिए आरक्षित स्थान उपलब्ध होने पर उसका विकास कर नागरिकों के इस्तेमाल के लिए खोला जाए। फुटपाथों की चौड़ाई और पैदल यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जरूरत के अनुसार व्यवस्थित पार्किंग की व्यवस्था की जाए। जहां सड़क किनारे पर्याप्त जगह उपलब्ध है, वहां अलग पार्किंग-बे विकसित कर अवैध पार्किंग पर अंकुश लगाया जाए।
अधिकृत दुकानों के पुनर्वास में होगी जांच
फुटपाथों पर मौजूद अधिकृत दुकानों और स्टॉलों को स्थानांतरित करने या उनका पुनर्वास करने के दौरान उनके मूल क्षेत्रफल का सटीक माप लेने के निर्देश भी दिए गए हैं। आयुक्त ने कहा कि संबंधित दुकानों के आधिकारिक रिकॉर्ड और स्वीकृत अनुमति की जांच के बाद ही नियमानुसार पुनर्वास किया जाए। इससे अधिकृत सीमा से बाहर होने वाले विस्तार को रोकने और फुटपाथों को खाली रखने में मदद मिलेगी।
अतिक्रमण हटाने के बाद होगी मरम्मत और सुंदरता बढ़ाने पर पहल
आयुक्त अश्विनी भिड़े ने निर्देश दिया कि अतिक्रमण हटाने के बाद फुटपाथों की तत्काल मरम्मत कर उन्हें साफ, सुरक्षित और उपयोग के योग्य बनाया जाए। फुटपाथों के सौंदर्यीकरण में एकसमान डिजाइन, बेहतर दृश्यात्मकता और व्यवस्थित संरचना को प्राथमिकता दी जाए।
उन्होंने कहा कि फुटपाथ न केवल बाधामुक्त और आसानी से इस्तेमाल करने योग्य होने चाहिए, बल्कि उनसे आसपास के क्षेत्र की सुंदरता भी बढ़नी चाहिए।
अवैध रैंप हटाकर मूल संरचना बहाल होगी
बीएमसी के संज्ञान में आया है कि कुछ आवासीय संस्थाओं ने वाहनों की आवाजाही के लिए फुटपाथों में अनधिकृत बदलाव कर रैंप बना दिए हैं। ऐसे मामलों का निरीक्षण कर संबंधित संस्थाओं को नियमानुसार नोटिस जारी करने और अवैध रैंप हटाने की कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
आयुक्त ने कहा कि फुटपाथों की मूल संरचना बहाल कर उन्हें सुरक्षित और पैदल यात्रियों के लिए बाधामुक्त बनाया जाए।
व्यावसायिक इस्तेमाल करने वालों पर सख्ती
फुटपाथों का व्यावसायिक गतिविधियों के लिए अनधिकृत इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। फुटपाथों पर वाहन खड़े कर उनकी मरम्मत करने वाले गैराज संचालकों तथा फुटपाथ और सड़क किनारे की जगह का वाहनों की खरीद-बिक्री के लिए अनधिकृत उपयोग करने वालों पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त डॉ. विपिन शर्मा, अभिजीत बांगर, डॉ. अविनाश ढाकणे, संयुक्त आयुक्त (सतर्कता) डॉ. एम. देवेंदर सिंह और उपायुक्त प्रशांत गायकवाड सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
बीएमसी का कहना है कि ‘पैदल यात्री प्रथम’ अभियान के तहत कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी, ताकि मुंबई के फुटपाथ नागरिकों के लिए सुरक्षित, स्वच्छ और स्थायी रूप से अतिक्रमणमुक्त रह सकें।
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