जरांगे-पाटिल ने रामदास कदम की संपत्ति की जांच की मांग की, एकनाथ शिंदे से पूछा—क्या मुझे 500 करोड़ रुपये दिए गए थे?
न्यूज़म ब्यूरो
मुंबई, 21 अक्टूबर। महाराष्ट्र में 500 करोड़ रुपये के कथित लेन-देन को लेकर सियासी विवाद तेज हो गया है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर भाजपा से 500 करोड़ रुपये लेकर मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे-पाटिल को देने के आरोपों के बाद शिवसेना (शिंदे गुट) के नेता रामदास कदम और जरांगे-पाटिल के बीच जुबानी जंग छिड़ गई है। दोनों नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप से राज्य की राजनीति में हलचल मच गई है।
जरांगे-पाटिल का पलटवार, कदम की संपत्ति की जांच की मांग
रामदास कदम की आलोचना का जवाब देते हुए मनोज जरांगे-पाटिल ने कहा कि कदम को अपने पद का इस्तेमाल करने के बजाय मराठा समुदाय के मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कदम की संपत्ति की जांच कराने की मांग भी की। जरांगे-पाटिल ने तंज कसते हुए उन्हें ‘थोरली बेगम’ कहकर संबोधित किया।
जरांगे-पाटिल ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से भी अपने आरोपों पर स्पष्ट जवाब देने की मांग की। उन्होंने कहा कि उन्होंने एक सीधा सवाल पूछा है, जिसका जवाब शिंदे को देना चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि क्या उन्हें वास्तव में 500 करोड़ रुपये दिए गए थे? जरांगे-पाटिल ने यह भी पूछा कि क्या एकनाथ शिंदे के बेटे और सांसद श्रीकांत शिंदे ने उन्हें 500 करोड़ रुपये दिए थे।
दशहरा रैली में जरांगे-पाटिल ने लगाया था आरोप
यह विवाद बुधवार को मनोज जरांगे-पाटिल की दशहरा रैली में लगाए गए आरोपों के बाद शुरू हुआ। जरांगे-पाटिल ने दावा किया था कि उन्हें पैसे देने के नाम पर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भाजपा से 500 करोड़ रुपये लिए थे। उनके इस बयान के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया।
हालांकि, 500 करोड़ रुपये के कथित लेन-देन को लेकर लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इस मामले में संबंधित पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं।
रामदास कदम ने लगाया था सुपारी लेकर आलोचना करने का आरोप
इससे पहले मंगलवार को शिवसेना (शिंदे गुट) की दशहरा रैली में रामदास कदम समेत पार्टी के कई नेताओं ने जरांगे-पाटिल पर निशाना साधा था। कदम ने आरोप लगाया था कि जरांगे-पाटिल किसी की सुपारी लेकर एकनाथ शिंदे की आलोचना करते हैं।
कदम ने जरांगे-पाटिल के भूख हड़ताल करने के तरीके पर भी सवाल उठाए थे। उन्होंने आरोप लगाया था कि जरांगे-पाटिल भूख हड़ताल पर बैठने के बाद बाथरूम में जाकर चुपके से खाना खाते हैं और लोगों को गुमराह करते हैं। कदम ने सवाल किया था कि आखिर वह किसके कहने पर किसी की प्रतिष्ठा खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।
विवाद ने पकड़ा राजनीतिक तूल
रामदास कदम ने एकनाथ शिंदे से जरांगे-पाटिल के खिलाफ जांच कराने की मांग भी की थी। इसके जवाब में जरांगे-पाटिल ने कदम पर पलटवार करते हुए उनकी संपत्ति की जांच की मांग कर दी। अब इस विवाद में दोनों पक्षों की ओर से लगाए जा रहे आरोपों के बीच एकनाथ शिंदे के जवाब पर भी नजरें टिकी हैं।
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