मुंबई, 24 सितंबर।
वंचित बहुजन आघाड़ी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एड. प्रकाश आंबेडकर ने मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़े 2023 के कानून को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने न्यायमूर्ति सतीश चंद्र शर्मा की आगामी सेवानिवृत्ति के बाद सरकारी पद पर नियुक्ति को लेकर भी अपनी मांग रखी है।
दो सदस्यीय पीठ में हुई थी सुनवाई
आंबेडकर के अनुसार, ‘मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्त (नियुक्ति, सेवा की शर्तें और कार्यकाल) अधिनियम, 2023’ को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर न्यायमूर्ति सतीश चंद्र शर्मा और न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता की दो सदस्यीय पीठ ने सुनवाई की थी। सुप्रीम कोर्ट के रिकॉर्ड में भी इन याचिकाओं की सुनवाई उक्त पीठ के समक्ष दर्ज होने का उल्लेख किया गया है।
प्रक्रियात्मक मुद्दे पर अलग-अलग राय
बताया गया कि सुनवाई के दौरान प्रक्रियात्मक मुद्दे को लेकर दोनों न्यायाधीशों की अलग-अलग राय सामने आई। इसके चलते मामले में विभाजित स्थिति बनी और कानून की संवैधानिक वैधता पर अंतिम निर्णय नहीं हो सका।
सेवानिवृत्ति के बाद नियुक्ति पर उठाया मुद्दा
प्रकाश आंबेडकर ने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से न्यायमूर्ति सतीश चंद्र शर्मा की आगामी सेवानिवृत्ति का भी उल्लेख किया। सुप्रीम कोर्ट के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, न्यायमूर्ति शर्मा 29 नवंबर 2026 को सेवानिवृत्त होंगे।
आंबेडकर ने मांग की है कि सेवानिवृत्ति के बाद न्यायमूर्ति शर्मा को कम से कम पांच वर्षों तक किसी भी सरकारी पद पर नियुक्त नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने इस मांग को चुनाव आयुक्त नियुक्ति कानून से जुड़े मामले की सुनवाई के संदर्भ में उठाया है।
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