मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि अवाडा का निवेश विदर्भ में नई परियोजनाओं को आकर्षित करेगा और महाराष्ट्र को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला से जोड़ने में मदद करेगा।
राहुल गुप्ता
नागपुर, 22 अक्टूबर। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नागपुर स्थित अवाडा सुपरफैक्ट्री का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने अवाडा ग्रुप के चेयरमैन विनीत मित्तल के साथ अनौपचारिक बातचीत की और नागपुर में इस इकाई की स्थापना के लिए उनकी पूरी टीम को बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह फैक्ट्री भारत में सौर ऊर्जा उपकरणों के निर्माण का एक प्रमुख केंद्र बन सकती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस निवेश से विदर्भ क्षेत्र में और अधिक औद्योगिक परियोजनाएं आकर्षित होंगी।
‘समझौते के वादों को कारखानों में बदलते देखना उत्साह देता है’
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि समझौता ज्ञापन (एमओयू) के तहत किए गए वादों को वास्तविक कारखानों के रूप में साकार होते देखना और महाराष्ट्र के साथ भारत को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का हिस्सा बनते देखना उन्हें सार्वजनिक जीवन में काम जारी रखने की ऊर्जा देता है।
उन्होंने कहा कि विनीत मित्तल और अवाडा ग्रुप के निवेश के कारण नागपुर में सौर मॉड्यूल निर्माण को लेकर काफी रुचि बढ़ी है। यदि अन्य निवेशक भी समय पर अपनी परियोजनाएं पूरी कर लेते हैं, तो नागपुर में देश का सबसे बड़ा सौर मॉड्यूल विनिर्माण तंत्र विकसित हो सकता है।
फडणवीस ने छत्रपति संभाजीनगर और नागपुर को निवेश के लिहाज से उभरते हुए प्रमुख केंद्र बताया। उन्होंने उद्यमियों से इन क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने की अपील करते हुए कहा कि यहां निवेश नहीं करना एक बड़े अवसर को गंवाने जैसा होगा।
अवाडा ने मुख्यमंत्री को भेंट किया पहला सोलर सेल लगा स्मृति चिह्न
मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान विनीत मित्तल ने उन्हें एक विशेष स्मृति चिह्न भेंट किया। इसमें नागपुर स्थित अवाडा सुपरफैक्ट्री में निर्मित पहला सोलर सेल लगाया गया था। यह स्मृति चिह्न इस बात का प्रतीक था कि परियोजना निवेश के वादे से आगे बढ़कर सौर सेल उत्पादन के चरण तक पहुंच चुकी है।
मुख्यमंत्री की सराहना करते हुए मित्तल ने कहा, “एक एमओयू केवल उम्मीद जगाता है, जबकि चालू कारखाना उस वादे को पूरा करता है।” उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का प्रोत्साहन उन सभी लोगों के लिए है, जिन्होंने नागपुर में अवाडा की सुपरफैक्ट्री के निर्माण में योगदान दिया।
मित्तल ने उद्यमियों से विदर्भ और मराठवाड़ा में उभर रहे औद्योगिक अवसरों पर ध्यान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि अवाडा इन अवसरों को विनिर्माण क्षमता, कुशल रोजगार और मजबूत घरेलू आपूर्ति श्रृंखलाओं में बदलने के लिए प्रतिबद्ध है।
नागपुर में 3 गीगावाट सौर सेल निर्माण क्षमता चालू
अवाडा ग्रुप की सौर फोटोवोल्टिक (पीवी) विनिर्माण इकाई अवाडा इलेक्ट्रो नागपुर और दादरी में एन-टाइप टॉपकॉन तकनीक पर आधारित ग्लास-टू-ग्लास सोलर मॉड्यूल की कुल 8.5 गीगावाट विनिर्माण क्षमता का संचालन करती है। इसके अलावा, नागपुर में 3 गीगावाट क्षमता वाला एन-टाइप टॉपकॉन सौर सेल विनिर्माण संयंत्र भी चालू है।
इस परियोजना को महाराष्ट्र में सौर ऊर्जा उपकरणों के घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने और क्षेत्र में औद्योगिक निवेश तथा रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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