सांस्कृतिक कार्य मंत्री आशीष शेलार ने एमटीडीसी के साथ संयुक्त भागीदारी में परियोजना विकसित करने को कहा; पालशेत की 125 एकड़ सरकारी जमीन पर होगा विचार
न्यूज़म ब्यूरो
मुंबई, 13 अक्टूबर। महाराष्ट्र के रत्नागिरी जिले के गुहागर तालुका स्थित पालशेत में फिल्म निर्माण और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ‘फिल्म टूरिज्म’ परियोजना विकसित करने की योजना बनाई जा रही है। सांस्कृतिक कार्य मंत्री आशीष शेलार ने महाराष्ट्र पर्यटन विकास महामंडल (एमटीडीसी) के साथ संयुक्त भागीदारी में इस परियोजना का विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने परियोजना के लिए वित्तीय व्यवस्था के विभिन्न विकल्पों पर विचार करते हुए एक महीने के भीतर प्रस्ताव पेश करने को कहा है।
पालशेत की 125 एकड़ जमीन पर परियोजना की योजना
इस संबंध में मंत्रालय में मंत्री आशीष शेलार की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में गुहागर तालुका के पालशेत सहित आसपास के क्षेत्रों में उपलब्ध सरकारी जमीन का उपयोग कर फिल्म निर्माण के लिए आवश्यक सुविधाएं विकसित करने पर चर्चा हुई। पालशेत में पर्यटन विभाग की लगभग 125 एकड़ सरकारी जमीन उपलब्ध है। इस जमीन पर फिल्म निर्माण और पर्यटन उद्योग को प्रोत्साहित करने के लिए बुनियादी सुविधाएं विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया है।
एमटीडीसी के साथ संयुक्त भागीदारी पर जोर
मंत्री शेलार ने निर्देश दिया कि एमटीडीसी के साथ संयुक्त उपक्रम के माध्यम से फिल्म सिटी विकसित करने के लिए आवश्यक योजना तैयार की जाए। परियोजना के लिए फिल्म पर्यटन योजना के अंतर्गत निधि उपलब्ध कराने की संभावनाएं तलाशी जाएं। इसके लिए महाराष्ट्र आवास एवं क्षेत्र विकास प्राधिकरण (म्हाडा) की सहायता लेने के विकल्प पर भी विचार करने को कहा गया है। परियोजना के लिए सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) के माध्यम से सुविधाएं विकसित करने पर भी चर्चा हुई।
कोकण में फिल्म निर्माण को मिलेगा प्रोत्साहन
बैठक में पूर्व विधायक डॉ. विनय नातू ने कोकण क्षेत्र में फिल्म निर्माण के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि गुहागर और दापोली तालुका के प्राकृतिक समुद्र तट और पर्यटन स्थल फिल्मों की शूटिंग के लिए उपयुक्त हैं। इस क्षेत्र में कई मराठी फिल्मों और धारावाहिकों की शूटिंग भी हो चुकी है।
उन्होंने बताया कि शूटिंग के लिए आवश्यक अनुमतियां और सुविधाएं समय पर उपलब्ध नहीं होने से निर्माताओं को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। यदि एक ही स्थान पर शूटिंग से जुड़ी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं, तो फिल्म निर्माण को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं।
वेळणेश्वर और तवसाल में भी सुविधाएं विकसित करने का सुझाव
डॉ. नातू ने गुहागर तालुका के पालशेत, वेळणेश्वर और तवसाल में उपलब्ध सरकारी जमीन का उपयोग कर फिल्म निर्माण से संबंधित सुविधाएं विकसित करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में फिल्म सिटी स्थापित होने से पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर तैयार हो सकते हैं।
अधिकारियों की मौजूदगी में हुई चर्चा
बैठक में पूर्व विधायक डॉ. विनय नातू दूरदृश्य प्रणाली के माध्यम से शामिल हुए। सांस्कृतिक कार्य विभाग के सचिव किरण कुलकर्णी, दादासाहेब फाल्के चित्रनगरी की प्रबंध निदेशक स्वाती म्हसे-पाटील, म्हाडा के उपाध्यक्ष संजीव जयस्वाल, एमटीडीसी के अधिकारी और संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
मंत्री शेलार ने संबंधित विभागों को परियोजना की योजना, वित्तीय संसाधनों और संयुक्त भागीदारी के विकल्पों पर विचार कर एक महीने के भीतर विस्तृत प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
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