सहकारी चीनी मिलों से उत्पादित उप-उत्पादों के लिए अलग नीति बनाई जाएगी
न्यूज़म ब्यूरो
मुंबई, 2 सितंबर: उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार ने बुधवार को निर्देश दिए कि राज्य में केंद्र सरकार की तर्ज पर सहकारी चीनी मिलों के लिए ‘सॉफ्ट लोन योजना’ लागू करने संबंधी प्रस्ताव तत्काल मंत्रिमंडल के समक्ष प्रस्तुत किया जाए। इस योजना का उद्देश्य आगामी गन्ना पेराई सत्र की तैयारियों में चीनी मिलों को सहायता प्रदान करना और किसानों को एफआरपी की राशि समय पर दिलाने में मदद करना है।
सहकारी चीनी मिलों के लिए सॉफ्ट लोन नीति और उप-उत्पाद निर्माण नीति तैयार करने के संबंध में सह्याद्री राज्य अतिथि गृह में उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई।
चीनी मिलों की आर्थिक क्षमता बढ़ाने के लिए केवल चीनी उत्पादन पर निर्भर न रहते हुए उप-उत्पादों के उत्पादन को बढ़ावा देना आवश्यक है। इसी संदर्भ में उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने सहकारी चीनी मिलों से उत्पादित विभिन्न उप-उत्पादों के लिए एक व्यापक नीति तैयार करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि इस नीति से मिलों में सौर ऊर्जा, सह-विद्युत उत्पादन, इथेनॉल (1G), मल्टीफीड, 2G इथेनॉल, सीबीजी, ग्रीन हाइड्रोजन, बायो-बिटुमिन, जैव-रसायन और एसएएफ (सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल) जैसे घटकों के उत्पादन को गति मिलेगी।
सुनेत्रा पवार ने कहा कि सॉफ्ट लोन योजना से चीनी मिलों की आर्थिक कठिनाइयों को दूर करने में मदद मिलेगी और किसानों को एफआरपी की राशि समय पर देना संभव होगा। साथ ही, आगामी गन्ना पेराई सत्र की तैयारियां बिना किसी बाधा के पूरी की जा सकेंगी।
बैठक में सहकारिता मंत्री बाबासाहेब पाटील, वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव विकासचंद्र रस्तोगी, सहकारिता एवं विपणन विभाग के प्रधान सचिव प्रवीण दराडे, उपमुख्यमंत्री के सचिव डॉ. राजेश देशमुख, वित्त विभाग के सहसचिव माधव वीर, नियोजन विभाग की उपसचिव सविता जावळे सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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