रोहित पवार के नेतृत्व में छात्रों का आंदोलन प्रस्तावित, गणेशोत्सव और कानून-व्यवस्था का हवाला देकर पुलिस ने शास्त्री चौक पर अनुमति देने से किया इनकार
राहुल गुप्ता
पुणे, 22 सितंबर।
महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग यानी एमपीएससी के अध्यक्ष विवेक भीमनवार के इस्तीफे की मांग को लेकर 27 सितंबर को पुणे में आंदोलन प्रस्तावित है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार के नेतृत्व में एमपीएससी के छात्र यह आंदोलन करने वाले हैं। हालांकि, पुणे पुलिस ने आंदोलन की अनुमति देने से इनकार कर दिया है।
पुलिस की ओर से गणेशोत्सव के दौरान कानून-व्यवस्था की स्थिति का हवाला देते हुए अनुमति नहीं देने की बात कही गई है। पुलिस ने रोहित पवार को बताया कि गणेशोत्सव के दौरान मोर्चे और आंदोलन की अनुमति नहीं दी जा सकती।
शास्त्री चौक पर आंदोलन की मांगी थी अनुमति
रोहित पवार ने पुणे के शास्त्री चौक पर आंदोलन करने की अनुमति पुलिस से मांगी थी। पुलिस ने बताया कि शास्त्री चौक पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत प्रतिबंध लागू होने के कारण वहां आंदोलन की अनुमति नहीं दी जा सकती।
पुलिस ने शास्त्री रोड के बजाय जिलाधिकारी कार्यालय के सामने आंदोलन करने का विकल्प भी दिया है। हालांकि, रोहित पवार ने कहा है कि 27 सितंबर को किसी भी स्थिति में आंदोलन किया जाएगा।
छात्रों की इन मांगों को लेकर आंदोलन
एमपीएससी अध्यक्ष विवेक भीमनवार के इस्तीफे के अलावा छात्रों की ओर से आयोग की रिक्त पदों पर तत्काल भर्ती और अन्य मांगें भी उठाई जा रही हैं। रोहित पवार इससे पहले भी एमपीएससी अध्यक्ष के इस्तीफे की मांग कर चुके हैं। उन्होंने अध्यक्ष पद पर तुकाराम मुंढे जैसे सक्षम अधिकारी की नियुक्ति की मांग भी की थी।
रोहित पवार का कहना है कि यदि सरकार चाहती है कि 27 सितंबर का आंदोलन न हो तो उसे छात्रों के प्रतिनिधिमंडल के साथ बातचीत करनी चाहिए और उनकी मांगों पर चर्चा करनी चाहिए।
राहुल गांधी के शामिल होने का भी दावा
रोहित पवार ने कहा है कि प्रस्तावित आंदोलन में कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी शामिल हो सकते हैं। हालांकि, उनकी मौजूदगी को लेकर अंतिम पुष्टि सामने नहीं आई है।
पुलिस की ओर से अनुमति नहीं मिलने और रोहित पवार के आंदोलन जारी रखने के रुख के बाद 27 सितंबर को पुणे में कानून-व्यवस्था को लेकर प्रशासन के सामने चुनौती की स्थिति बन सकती है। पुणे में गणेशोत्सव के दौरान सार्वजनिक सभाओं और जमावड़े को लेकर पहले से प्रतिबंधात्मक आदेश लागू किए गए हैं।
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