न्यूज़म ब्यूरो
भिवंडी, 1 सितंबर।कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से जुड़े मानहानि मामले में एक नया घटनाक्रम सामने आया है। महाराष्ट्र के भिवंडी स्थित मजिस्ट्रेट अदालत में एक मीडिया कंपनी ने जवाब दाखिल करते हुए कहा है कि उसके पास राहुल गांधी की वर्ष 2014 में हुई चुनावी रैली का मूल वीडियो फुटेज उपलब्ध नहीं है।
मानहानि मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने संबंधित रैली का वीडियो साक्ष्य पेश करने के लिए जी मीडिया को समन जारी किया था। इसके जवाब में कंपनी ने अदालत को बताया कि वह उक्त फुटेज उपलब्ध कराने में असमर्थ है।
मीडिया कंपनी ने अपने जवाब में कहा कि संबंधित प्रसारण 12 वर्ष से अधिक पुराना है और टीवी चैनलों को रिकॉर्डिंग सीमित अवधि तक सुरक्षित रखने का कानूनी प्रावधान है। कंपनी के अनुसार, प्रसारण रिकॉर्ड सामान्यतः 90 दिनों तक सुरक्षित रखने की बाध्यता होती है। इसके अलावा, उस घटना को कवर करने वाले कई रिपोर्टर अब संस्थान छोड़ चुके हैं या सेवानिवृत्त हो चुके हैं।
राहुल गांधी के वकील नारायण अय्यर ने बताया कि अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 3 अक्टूबर की तारीख तय की है।
गौरतलब है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के कार्यकर्ता राजेश कुंटे ने राहुल गांधी के खिलाफ यह मानहानि मामला दर्ज कराया था। शिकायतकर्ता का आरोप है कि राहुल गांधी ने 6 मार्च 2014 को भिवंडी के सोनाले गांव में आयोजित एक चुनावी रैली के दौरान आरएसएस को महात्मा गांधी की हत्या से जोड़ा था।
इस मामले में अब अदालत के समक्ष वीडियो साक्ष्य की उपलब्धता को लेकर स्थिति महत्वपूर्ण मानी जा रही है। आगामी सुनवाई में मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया पर फैसला हो सकता है।
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