रेल यात्रियों को बड़ी सौगात, जल्द मिलेगी वंदे भारत स्लीपर

24 घंटे का सफर घटकर 16 घंटे से कम होने की उम्मीद

सप्ताह में छह दिन चलने का प्रस्ताव

न्यूज़म ब्यूरो

मुंबई, 5 अक्टूबर। मुंबई और बेंगलुरु के बीच सफर करने वाले यात्रियों के लिए रेलवे जल्द ही बड़ी सौगात देने की तैयारी में है। भारतीय रेलवे मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी) और केएसआर बेंगलुरु के बीच वंदे भारत स्लीपर ट्रेन शुरू करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। रेलवे बोर्ड की ओर से इस संबंध में जल्द अधिसूचना जारी किए जाने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार, इस महीने के अंत तक ट्रेन को हरी झंडी दिखाई जा सकती है।

24 घंटे की यात्रा घटकर 16 घंटे से कम होने की उम्मीद

Advertisement

वर्तमान में मुंबई और बेंगलुरु के बीच सीधी ट्रेन से यात्रा करने में करीब 24 घंटे लगते हैं। ऐसे में प्रस्तावित वंदे भारत स्लीपर सेवा शुरू होने पर यात्रा का समय घटकर 16 घंटे से भी कम होने की उम्मीद है। इससे यात्रियों को रात में सफर करते हुए अगले दिन अपेक्षाकृत कम समय में गंतव्य तक पहुंचने की सुविधा मिलेगी।

रेलवे प्रशासन के अनुसार, सेवा शुरू करने की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। लंबे समय से प्रस्तावित इस सेवा में हुई देरी के बाद अब इसे जल्द शुरू करने पर जोर दिया जा रहा है।

सप्ताह में छह दिन चलने का प्रस्ताव

प्रस्तावित समय-सारिणी के अनुसार, वंदे भारत स्लीपर ट्रेन दोनों दिशाओं में सप्ताह में छह दिन संचालित की जा सकती है। अस्थायी समय-सारिणी के मुताबिक, ट्रेन केएसआर बेंगलुरु से रात करीब 10 बजे रवाना होकर अगले दिन दोपहर 1:50 बजे मुंबई सीएसएमटी पहुंच सकती है।

वहीं, वापसी यात्रा में ट्रेन मुंबई सीएसएमटी से रात करीब 10:30 बजे रवाना होकर अगले दिन दोपहर 1:50 बजे केएसआर बेंगलुरु पहुंचने की संभावना है। हालांकि, रेलवे ने अभी इस समय-सारिणी को अंतिम रूप नहीं दिया है और परिचालन से पहले इसमें बदलाव संभव है।

इन स्टेशनों पर हो सकता है ठहराव

प्रस्तावित मार्ग पर ट्रेन के संभावित ठहरावों में अनंतपुर, गुंतकल, रायचूर, कलबुर्गी, सोलापुर और कल्याण शामिल बताए जा रहे हैं। अंतिम ठहरावों की सूची रेलवे की ओर से आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी।

16 कोच, तीन श्रेणियों में यात्रा की सुविधा

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में कुल 16 यात्री कोच होंगे। इनमें 11 एसी 3-टियर, चार एसी 2-टियर और एक एसी फर्स्ट क्लास कोच शामिल होगा। ट्रेन को अधिकतम 160 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से परिचालन के लिए तैयार किया गया है। परीक्षण के दौरान इसकी गति 180 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचाई जा चुकी है। हालांकि, नियमित सेवा की वास्तविक गति संबंधित रेल मार्ग की क्षमता और सुरक्षा मानकों के आधार पर तय की जाएगी।

यात्रियों के आराम का रखा गया विशेष ध्यान

वंदे भारत स्लीपर के कोचों को यात्रियों की लंबी दूरी की रात की यात्रा को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। इनमें कुशनयुक्त बर्थ, ऊपरी बर्थ तक आसानी से पहुंचने के लिए बेहतर डिजाइन, व्यक्तिगत रीडिंग लाइट, चार्जिंग प्वाइंट और रिफ्रेशमेंट टेबल जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। कोचों के अंदरूनी हिस्से में जीएफआरपी पैनल का इस्तेमाल किया गया है।

कवच प्रणाली से सुरक्षा मजबूत

यात्रियों की सुरक्षा के लिए ट्रेन में देश में विकसित ‘कवच’ एंटी-कॉलिजन प्रणाली लगाई गई है। इसके अलावा ऊर्जा की बचत के लिए रीजेनरेटिव ब्रेकिंग तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। कोचों के बीच स्वचालित इंटरकनेक्टिंग दरवाजे लगाए गए हैं। इनके बीच के मार्ग को सीलबंद रखा गया है, जिससे ट्रेन के भीतर स्वच्छ हवा और नियंत्रित तापमान बनाए रखने में मदद मिलेगी।

ट्रेन में सेंट्रलाइज्ड कोच मॉनिटरिंग सिस्टम भी उपलब्ध होगा। आपात स्थिति में यात्रियों को लोको पायलट से सीधे संपर्क करने की सुविधा दी जाएगी।

आधिकारिक घोषणा का इंतजार

मुंबई-बेंगलुरु के बीच वंदे भारत स्लीपर सेवा शुरू होने से इस महत्वपूर्ण रेल मार्ग पर यात्रियों को तेज, आधुनिक और आरामदायक रात्रि यात्रा का विकल्प मिलने की उम्मीद है। हालांकि, ट्रेन के उद्घाटन की आधिकारिक तारीख, अंतिम समय-सारिणी, ठहराव और किराए को लेकर रेलवे की औपचारिक घोषणा अभी बाकी है।

पढ़ने के लिए धन्यवाद

आपका समय और भरोसा हमारे लिए बहुत मायने रखता है। अगर यह खबर आपके लिए उपयोगी रही, तो हमसे जुड़े रहें — हर ज़रूरी खबर के लिए Newsam को फ़ॉलो करें।

Add a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement
↑
Tap to Refresh