जहरीली गैस का संदेह हो तो दोषियों पर कार्रवाई : किशोरी पेडणेकर
मुंबई, 27 सितंबर। गोरेगांव पश्चिम के राम मंदिर रेलवे स्टेशन के पूर्वी हिस्से में शिवशंकर नगर स्थित सार्वजनिक शौचालय में दो लोगों की मौत की घटना को गंभीर बताते हुए मुंबई महानगरपालिका की विपक्ष की नेता किशोरी किशोर पेडणेकर ने मामले की तत्काल और वैज्ञानिक जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि मौत के पीछे जहरीली गैस या किसी रासायनिक पदार्थ का संबंध है या नहीं, इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
घटनास्थल का किया निरीक्षण
किशोरी पेडणेकर ने रविवार, 27 सितंबर 2026 को घटनास्थल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि नागरिकों के लिए बनाई गई सार्वजनिक सुविधा में दो लोगों की मौत होना बेहद गंभीर मामला है। प्रशासन को इसे गंभीरता से लेते हुए मौत के वास्तविक कारण का पता लगाना चाहिए।
रासायनिक कारखाने की जांच की मांग
पेडणेकर ने कहा कि स्थानीय लोगों के अनुसार सार्वजनिक शौचालय के पास रासायनिक पदार्थों का इस्तेमाल करने वाला कारखाना है। इसलिए यह जांच जरूरी है कि घटना के समय कारखाने में कौन से रसायनों का इस्तेमाल किया जा रहा था, कौन-सी प्रक्रिया चल रही थी और क्या उससे धुआं या जहरीली गैस बाहर निकली थी।
परमिट और सुरक्षा व्यवस्था की जांच हो

उन्होंने संबंधित कारखाने के पास महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, मुंबई महानगरपालिका, मुंबई अग्निशमन दल और अन्य विभागों की आवश्यक मंजूरियां हैं या नहीं, इसकी जांच की मांग की। साथ ही रासायनिक पदार्थों के इस्तेमाल के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन किया जा रहा था या नहीं, यह भी जांचने को कहा।
शौचालय की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल
पेडणेकर ने सार्वजनिक शौचालय की स्वच्छता, वेंटिलेशन, रखरखाव और सुरक्षा व्यवस्था की जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि पहले इस सुविधा को लेकर शिकायतें मिली थीं तो उनका रिकॉर्ड और प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई की भी जांच होनी चाहिए।
नमूनों की जांच कर रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग
उन्होंने मुंबई पुलिस से मौत के वास्तविक कारण और जहरीली गैस के संभावित स्रोत की जांच करने को कहा। घटनास्थल से रासायनिक एवं पर्यावरणीय नमूने लेकर उनकी तत्काल जांच कराने और निष्कर्ष पारदर्शी तरीके से जनता के सामने रखने की मांग की।
लापरवाही सामने आने पर कार्रवाई हो
पेडणेकर ने कहा कि जांच में यदि किसी की लापरवाही या नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए। हालांकि, अंतिम जांच रिपोर्ट आने तक किसी व्यक्ति या संस्था को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा। उन्होंने प्रशासन से नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने और जांच में पूरी पारदर्शिता बरतने की मांग की।
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