राहुल गुप्ता
पुणे, 7 अक्टूबर। महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (MPSC) के छात्रों के आंदोलन को लेकर पुणे में सियासत गरमा गई है। विधायक रोहित पवार पिछले कई दिनों से छात्रों के साथ आंदोलन में बैठे हैं। अब उन्होंने आरोप लगाया है कि सरकार आंदोलन को खत्म कराने की कोशिश कर रही है। आंदोलन स्थल पर पुलिस का बड़ा बंदोबस्त बढ़ाए जाने के बाद माहौल और तनावपूर्ण हो गया है।
आंदोलन के लिए अलका चौक क्यों नहीं चुना?
रोहित पवार ने कहा कि छात्रों के आंदोलन के लिए उनके पास तीन विकल्प थे। उनका मकसद गरीब छात्रों को न्याय दिलाना था, इसलिए आंदोलन करना जरूरी था। हालांकि, उन्होंने अलका चौक का विकल्प इसलिए नहीं चुना क्योंकि वहां बड़ी संख्या में छात्र जमा होते और पुणे के लोगों को काफी परेशानी होती।
उन्होंने बताया कि इसी वजह से एस.एम. जोशी मार्ग पर तिलक भवन के पास आंदोलन शुरू किया गया। उनके मुताबिक, इस सड़क के दोनों तरफ वैकल्पिक रास्ते मौजूद हैं और जिस जगह आंदोलन चल रहा है, वहां श्मशानभूमि भी है। इसलिए इस इलाके में आम लोगों की आवाजाही अपेक्षाकृत कम है।
‘आंदोलन के खिलाफ कोर्ट जाने वाला बीजेपी कार्यकर्ता’
रोहित पवार ने आंदोलन के खिलाफ हाईकोर्ट जाने वाले एक याचिकाकर्ता को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि याचिकाकर्ता बीजेपी के एक प्रमुख नेता का कार्यकर्ता है और महानगरपालिका से जुड़े काम तथा बिल्डिंग निर्माण का कारोबार करता है।
रोहित पवार ने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित याचिकाकर्ता की पुलिस प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी से मुलाकात हुई थी। उन्होंने इस मुलाकात की जांच और संबंधित अधिकारी के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) की जांच कराने की मांग की। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
‘पुलिस छात्रों को उठाने के लिए आई है’
रोहित पवार ने कहा कि आंदोलन के शुरुआती दिनों में जितनी पुलिस तैनात नहीं थी, उससे कहीं ज्यादा पुलिस अब आंदोलन स्थल पर मौजूद है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस को अदालत के संभावित फैसले की जानकारी पहले ही मिल गई है और छात्रों को आंदोलन स्थल से हटाने के लिए बंदोबस्त बढ़ाया गया है।
इस बीच, आंदोलन के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। याचिका में आंदोलन के कारण आम लोगों को परेशानी होने का दावा किया गया है।
एक्स अकाउंट सस्पेंड होने पर भी सरकार पर निशाना
रोहित पवार का ट्विटर यानी एक्स अकाउंट भी सस्पेंड किए जाने की जानकारी सामने आई है। इसके बाद उन्होंने फेसबुक पोस्ट के जरिए अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विचार और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को दबाने की कोशिश कर रही है।
रोहित पवार पिछले कई दिनों से MPSC छात्रों के साथ आंदोलन कर रहे हैं। छात्रों की विभिन्न मांगों के साथ MPSC अध्यक्ष के इस्तीफे की मांग को लेकर भी आंदोलन जारी है।
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