न्यूज़म ब्यूरो
मुंबई, 25 सितंबर। IIT बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे की मौत की जांच कर रही मुंबई क्राइम ब्रांच के सामने अब उसके लॉक iPhone 17 को अनलॉक करना सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। साहिल के फोन में पैटर्न लॉक था और उसके परिचितों को भी इस पैटर्न की जानकारी नहीं थी। ऐसे में फिलहाल पुलिस फोन से पूरा डेटा निकालने में असमर्थ है।
क्राइम ब्रांच को उम्मीद है कि अगर फोन अनलॉक होता है, तो जांच में कई अहम सवालों के जवाब मिल सकते हैं।
खास तौर पर 18 सितंबर को परीक्षा के दौरान साहिल ने फोन पर क्या सर्च किया था, किन गतिविधियों में फोन का इस्तेमाल हुआ और परीक्षा हॉल से बाहर निकलने के बाद उसने क्या किया, इसकी जानकारी फोन से मिल सकती है।
47 मिनट की कड़ी जोड़ने में जुटी क्राइम ब्रांच
जांच के मुताबिक, 18 सितंबर को परीक्षा के दौरान साहिल पर मोबाइल फोन इस्तेमाल करने का आरोप लगा था। CCTV फुटेज में प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला द्वारा साहिल को परीक्षा हॉल से बाहर जाने के लिए कहे जाने की बात सामने आई है।
साहिल करीब दोपहर 12:38 बजे परीक्षा हॉल से बाहर निकला, जबकि करीब 1:25 बजे वह अपने हॉस्टल के कमरे में पहुंचा। यानी इन दोनों घटनाओं के बीच करीब 47 मिनट का अंतर है।
क्राइम ब्रांच अब इन 47 मिनटों की पूरी कड़ी जोड़ने में जुटी है। परीक्षा हॉल से हॉस्टल तक के रास्ते में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि साहिल कहां गया, किन लोगों से मिला और इस दौरान उसके साथ क्या हुआ।
नए iPhone की फोरेंसिक जांच बनी चुनौती
सूत्रों के मुताबिक, क्राइम ब्रांच के पास पुराने iPhone मॉडल से डेटा निकालने के लिए फोरेंसिक टूल्स उपलब्ध हैं, लेकिन नए iPhone 17 से डेटा एक्सट्रैक्ट करने में तकनीकी दिक्कत सामने आ रही है।
फोन का डेटा एन्क्रिप्टेड होने के कारण बिना पैटर्न के उसे एक्सेस करना मुश्किल है। ऐसे में क्राइम ब्रांच अब ऐसी दूसरी एजेंसियों या विशेषज्ञ संस्थाओं की मदद लेने पर विचार कर रही है, जिनके पास नए iPhone मॉडल और डिजिटल डेटा की फोरेंसिक जांच के लिए ज्यादा उन्नत तकनीक उपलब्ध हो।
लैपटॉप भी फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया
पुलिस ने साहिल का लैपटॉप भी जब्त कर फोरेंसिक जांच के लिए भेजा है। इसके अलावा परीक्षा हॉल, IIT बॉम्बे कैंपस और हॉस्टल से जुड़े CCTV फुटेज की भी जांच की जा रही है।
क्राइम ब्रांच अब फोन डेटा, लैपटॉप, CCTV फुटेज, कॉल डिटेल्स और लोगों के बयानों को आपस में जोड़कर 18 सितंबर की पूरी टाइमलाइन तैयार करने की कोशिश कर रही है।
20 से ज्यादा लोगों के बयान दर्ज
साहिल वाकोडे की मौत के मामले में पहले Powai पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की गई थी। इसके बाद जांच मुंबई क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई।
अब तक क्राइम ब्रांच 20 से ज्यादा लोगों के बयान दर्ज कर चुकी है, जिनमें IIT के छात्र और कर्मचारी शामिल हैं। परीक्षा हॉल में मौजूद छात्रों और परीक्षा की निगरानी कर रहे शिक्षकों से भी पूछताछ की गई है।
अब जांच का फोकस इस बात पर है कि 18 सितंबर को परीक्षा हॉल से निकलने के बाद साहिल के साथ अगले 47 मिनट में क्या हुआ और उसके फोन व लैपटॉप से इस पूरी घटना से जुड़े कौन से डिजिटल सुराग मिल सकते हैं।
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