अनधिकृत फ्लेक्स और बैनरों पर जीरो टॉलरेंस की तैयारी
न्यूज़म ब्यूरो
मुंबई, 05 अक्टूबर। मुंबई के सौंदर्यीकरण और पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से महापौर रितू राजेश तावडे की संकल्पना के तहत ‘शाडू बाप्पा दस दिन – फ्लेक्समुक्त मुंबई 365 दिन’ विशेष अभियान शुरू करने की तैयारी है। इस अभियान के तहत शहर में अनधिकृत पीवीसी फ्लेक्स, बैनर, पोस्टर और स्टिकर के खिलाफ शून्य सहिष्णुता की नीति अपनाई जाएगी। महापौर ने इस संबंध में मुंबई महानगरपालिका आयुक्त अश्विनी भिडे को पत्र भेजकर कार्रवाई की रूपरेखा तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
सभी राजनीतिक दलों से सहयोग की अपील
अभियान को राजनीतिक रूप से निष्पक्ष और व्यापक बनाने के लिए महापौर स्वयं सभी राजनीतिक दलों के प्रमुखों और नेताओं को पत्र भेजकर सहयोग की अपील करेंगी। नेताओं, पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और नागरिकों से अनधिकृत बैनर एवं फलक नहीं लगाने का आह्वान किया जाएगा। महापौर का कहना है कि मुंबई को फ्लेक्स और प्लास्टिक के कचरे से मुक्त करने के लिए सभी दलों को एक मंच पर आकर सहयोग करना चाहिए।
प्रशासन की संयुक्त बैठक जल्द
अभियान की तत्काल रूपरेखा तैयार कर प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए महापौर रितू तावडे की अध्यक्षता में प्रशासन की संयुक्त बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में विधायक अमित साटम की प्रमुख उपस्थिति रहने की बात कही गई है। बैठक में अभियान की कार्रवाई, निगरानी व्यवस्था और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय पर चर्चा की जाएगी।
कानून सभी के लिए समान
महानगरपालिका की ओर से स्पष्ट किया गया है कि कार्रवाई के दौरान किसी प्रकार का राजनीतिक भेदभाव नहीं किया जाएगा। मुंबई महानगरपालिका अधिनियम की धारा 328/328(अ) तथा महाराष्ट्र संपत्ति विद्रूपीकरण प्रतिबंध अधिनियम, 1995 के तहत दोषियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित मामलों में पुलिस में एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी।
अधिकृत बैनरों पर QR कोड अनिवार्य
महानगरपालिका से अनुमति प्राप्त सभी विज्ञापनों पर लाइसेंस नंबर, अनुमति की अवधि, प्रिंटर का नाम और अधिकृत QR कोड अंकित करना अनिवार्य किया जाएगा। गश्ती दल के साथ आम नागरिक भी QR कोड स्कैन कर संबंधित विज्ञापन की अनुमति की वैधता जांच सकेंगे। बिना QR कोड वाले फलक, बैनर और पोस्टर को अनधिकृत मानकर तत्काल जब्त करने की व्यवस्था प्रस्तावित है।
नियम तोड़ने वाले प्रिंटर्स और एजेंसियां होंगी ब्लैकलिस्ट
बार-बार अनधिकृत फ्लेक्स, बैनर और पोस्टर तैयार करने वाले प्रिंटर्स, ठेकेदारों और एजेंसियों के खिलाफ केवल जुर्माना लगाने के बजाय उन्हें स्थायी रूप से ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही विज्ञापन एजेंसियों को पीवीसी की जगह कपड़े जैसे पर्यावरण-अनुकूल विकल्पों तथा डिजिटल एलईडी माध्यमों के इस्तेमाल के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
डिजिटल सिंगल विंडो से बढ़ेगा मनपा का राजस्व
वर्तमान आउटडोर विज्ञापन नीति में समयानुकूल सुधार कर विज्ञापन संबंधी सभी अनुमतियां सिंगल विंडो डिजिटल प्रणाली के माध्यम से देने की योजना है। इससे अनुमति प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित होने के साथ-साथ अनधिकृत विज्ञापनों के कारण होने वाले राजस्व नुकसान को कम करने में मदद मिलेगी। मनपा के लाइसेंस राजस्व में भी वृद्धि का लक्ष्य रखा गया है।
जब्त पीवीसी सामग्री का वैज्ञानिक निपटारा
अभियान के दौरान जब्त किए जाने वाले पीवीसी और प्लास्टिक से बने फ्लेक्स व अन्य सामग्री को दोबारा सड़कों या नालों में पहुंचने से रोकने के लिए ठोस कचरा प्रबंधन विभाग के माध्यम से वैज्ञानिक तरीके से उसका पुनर्चक्रण किया जाएगा।
72 घंटे में शिकायतों पर कार्रवाई
नागरिक अनधिकृत फलक और बैनरों की शिकायत मनपा की 1916 हेल्पलाइन, आधिकारिक वेबसाइट और ‘myBMC’ ऐप के माध्यम से कर सकेंगे। प्राप्त शिकायतों पर अधिकतम 72 घंटे के भीतर कार्रवाई करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रत्येक प्रभाग में की गई कार्रवाई, वसूल किए गए जुर्माने और दर्ज मामलों का साप्ताहिक डैशबोर्ड महापौर के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
पर्यावरण संरक्षण से जुड़ा अभियान
महापौर रितू तावडे ने कहा कि जिस तरह गणेशोत्सव के दौरान शाडू मिट्टी की मूर्तियों को प्राथमिकता देकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया जाता है, उसी तरह पूरे वर्ष पीवीसी और प्लास्टिक कचरे पर नियंत्रण रखना भी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि इसी उद्देश्य से ‘शाडू बाप्पा दस दिन – फ्लेक्समुक्त मुंबई 365 दिन’ अभियान की पहल की गई है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों, प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और नागरिकों से मुंबई को फ्लेक्समुक्त बनाने में सहयोग की अपील की।
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