महाराष्ट्र में सूखे के हालात पर शरद पवार ने सीएम फडणवीस को लिखा पत्र, किसानों के लिए 50 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर की मांग

एनसीपी शरदचंद्र पवार प्रमुख शरद पवार ने कम बारिश से महाराष्ट्र के कई हिस्सों में पैदा हुई स्थिति को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का ध्यान किसानों की समस्याओं की ओर दिलाया। उन्होंने तुरंत सूखा घोषित करने और किसानों, खेतिहर मजदूरों समेत प्रभावित लोगों के लिए आर्थिक राहत की मांग की।

राहुल गुप्ता
मुंबई, 18 सितंबर।

राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी शरदचंद्र पवार के अध्यक्ष शरद पवार ने महाराष्ट्र में कम बारिश के कारण किसानों के सामने पैदा हुए संकट को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि राज्य के ज्यादातर हिस्सों में बारिश की कमी से किसान समुदाय गंभीर मुश्किलों का सामना कर रहा है और सरकार को तत्काल राहत के उपाय करने चाहिए।

फसलों की बर्बादी और पानी-चारे का संकट

शरद पवार ने पत्र में कहा कि सोयाबीन, कपास, बाजरा, मक्का, अरहर, मूंग और उड़द समेत कई खड़ी फसलें बारिश की कमी के कारण प्रभावित हुई हैं। इसके साथ ही फसलों में कीटों और बीमारियों का प्रकोप भी बढ़ने की बात कही गई है।

उन्होंने आशंका जताई कि हालात और बिगड़ने पर खेती के साथ-साथ पीने के पानी और पशुओं के चारे का संकट भी गंभीर हो सकता है।

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तुरंत सूखा घोषित करने की मांग

शरद पवार ने मुख्यमंत्री से मांग की कि हालात की गंभीरता को देखते हुए औपचारिक नियमों का इंतजार किए बिना प्रभावित तहसीलों को सूखा प्रभावित घोषित किया जाए और वहां तत्काल सूखा राहत उपाय लागू किए जाएं।

उन्होंने किसानों के लिए प्रति हेक्टेयर कम से कम 50,000 रुपये की आर्थिक सहायता देने की मांग की। इसके अलावा खेतिहर मजदूर परिवारों को 25,000 रुपये की विशेष सहायता देने की बात कही।

कर्जमाफी और फसल बीमा में राहत की मांग

शरद पवार ने आर्थिक संकट से जूझ रहे किसानों के लिए कर्जमाफी योजना तत्काल लागू करने और फसल ऋण उपलब्ध कराने की मांग की। नियमित रूप से ऋण चुकाने वाले किसानों के लिए प्रोत्साहन सब्सिडी 50,000 रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये करने की मांग भी की गई।

उन्होंने कहा कि 2025-26 में फसल ऋण लेने वाले और इस साल डिफॉल्ट करने वाले किसानों को भी कर्जमाफी योजना में शामिल किया जाना चाहिए।

इसके अलावा उन्होंने एक रुपये वाली फसल बीमा योजना को पिछली तारीख से लागू करने और किसानों को फसल बीमा सुरक्षा देने के लिए संबंधित प्रावधानों को भी पूर्व प्रभाव से लागू करने की मांग की।

शरद पवार ने पिछले साल बेमौसम बारिश से हुए नुकसान के लिए घोषित 17,000 रुपये प्रति हेक्टेयर की फसल बीमा सहायता भी किसानों को तुरंत वितरित करने की मांग की।

पेयजल और चारे के लिए तत्काल व्यवस्था

शरद पवार ने सूखे जैसे हालात वाली तहसीलों में रोजगार गारंटी योजनाओं के जरिए खेती, जल संरक्षण और दूसरे जरूरी कामों के लिए विशेष योजनाएं शुरू करने की मांग की। उन्होंने फलों के बागों को बचाने के लिए टैंकरों की व्यवस्था शुरू करने की भी बात कही।

उन्होंने कहा कि जिन गांवों में पीने के पानी की कमी है, उनका तत्काल सर्वे कराया जाए और जरूरत के मुताबिक सरकारी टैंकर उपलब्ध कराए जाएं। प्रभावित इलाकों में मांग के अनुसार चारा वितरण शिविर भी शुरू किए जाएं।

इसके साथ ही पशुओं के लिए पीने का पानी और जरूरी पशु चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने की मांग की गई है।

बिजली व्यवस्था और कंट्रोल रूम बनाने की मांग

शरद पवार ने कहा कि सूखे के दौरान बिजली कटौती की समस्या बढ़ सकती है। इसलिए बिजली ट्रांसफार्मरों की मरम्मत का काम समय पर पूरा करने के लिए ऊर्जा विभाग के माध्यम से विशेष अभियान चलाया जाना चाहिए।

उन्होंने राज्य और जिला स्तर पर कंट्रोल रूम बनाने की मांग की, जहां रोजाना बारिश, फसलों की स्थिति, पानी की उपलब्धता, चारे और पशुओं की स्थिति की निगरानी की जा सके।

प्रभावित छात्रों की फीस माफ करने की मांग

शरद पवार ने सूखा प्रभावित घोषित तालुकाओं के स्कूलों, कॉलेजों और अन्य शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले छात्रों की फीस माफ करने की भी मांग की।

उन्होंने कहा कि सूखा राहत उपायों के तहत प्रभावित छात्रों की केवल परीक्षा फीस ही नहीं, बल्कि पूरी पढ़ाई की फीस भी तत्काल माफ की जानी चाहिए।

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