मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर हस्ताक्षर अभियान

56 स्थानों पर मतदाताओं ने किए हस्ताक्षर, आठ दिन चलेगा अभियान

मुंबई/भिवंडी, 02 अक्टूबर। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर भिवंडी में समाजवादी पार्टी के विधायक रईस शेख के नेतृत्व में शुक्रवार से हस्ताक्षर अभियान शुरू किया गया। अभियान के पहले दिन भिवंडी पूर्व विधानसभा क्षेत्र के 56 स्थानों पर मतदाताओं ने हस्ताक्षर किए। विधायक रईस शेख ने दावा किया कि अभियान के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं ने इस मांग का समर्थन किया।

पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग व्यवस्था

रईस शेख के अनुसार, शुक्रवार की नमाज के बाद भिवंडी पूर्व के 56 स्थानों पर अभियान शुरू किया गया। हस्ताक्षर करने के लिए पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग व्यवस्था की गई थी। समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं की ओर से आयोजित इस अभियान को पहले दिन अच्छा प्रतिसाद मिलने का दावा किया गया है। उन्होंने बताया कि मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर यह अभियान अगले आठ दिनों तक जारी रहेगा।

राज्यपाल को सौंपा जाएगा ज्ञापन

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विधायक रईस शेख ने कहा कि अभियान पूरा होने के बाद समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधिमंडल महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा से मुलाकात करेगा। इस दौरान भिवंडी के लाखों मतदाताओं के हस्ताक्षर वाला ज्ञापन सौंपकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की जाएगी। शेख के मुताबिक, पहले दिन 56 केंद्रों पर करीब 30 हजार मतदाताओं ने ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।

एसआईआर प्रक्रिया पर उठाए सवाल

रईस शेख ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई हैं और देशभर में करीब 12 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। हालांकि, चुनाव आयोग से संबंधित हालिया रिपोर्टों में अलग-अलग चरणों में मतदाता सूची से हटाए या चिह्नित किए गए नामों के आंकड़े सामने आए हैं; इन आंकड़ों की प्रक्रिया और दायरे को लेकर राजनीतिक दलों तथा चुनाव आयोग के बीच मतभेद हैं।

चुनाव आयोग के कामकाज पर आरोप

शेख ने ईआरओ-नेट प्रणाली में मतदाता नामों को जोड़ने और हटाने से संबंधित कथित विसंगतियों का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने दावा किया कि पिछले 10 महीनों में दो चुनाव आयुक्तों ने विभिन्न निर्णयों को लेकर 14 बार आपत्तियां दर्ज की थीं। ऐसी रिपोर्टों में चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी द्वारा कुछ निर्णयों पर आपत्ति जताने का उल्लेख है। वहीं, चुनाव आयोग ने कहा है कि आयोग के निर्णय तीनों चुनाव आयुक्तों की मंजूरी से लिए गए हैं और विचारों में अंतर संस्थागत विचार-विमर्श का हिस्सा है।

भाजपा को लाभ पहुंचाने का आरोप

रईस शेख ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त के कार्यकाल में लिए गए कुछ निर्णयों से सत्तारूढ़ भाजपा को लाभ पहुंचा है और इसी आधार पर उन्होंने ज्ञानेश कुमार के पद पर बने रहने पर सवाल उठाया। यह आरोप राजनीतिक है और चुनाव आयोग ने ऐसे आरोपों को स्वीकार नहीं किया है।

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