अनुशासन के नाम पर 82 छात्रों का अजीब हेयरकट, आधा सिर मुंडवाने के बाद रातभर चला बाल काटने का काम

राहुल गुप्ता

चंद्रपुर, 5 अक्टूबर। महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले के चिमूर तालुका से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। जांभूलघाट स्थित सरकारी माध्यमिक आश्रम स्कूल में अनुशासन के नाम पर करीब 82 छात्रों के आधे बाल काट दिए गए। आरोप है कि बाल कटवाने के दौरान कुछ छात्रों के खेलने से नाराज स्कूल सुपरिटेंडेंट ने नाई को इन बच्चों के आधे बाल काटने का निर्देश दिया।

बताया गया कि शनिवार को स्कूल में छात्रों के बाल काटे जा रहे थे। इसी दौरान कुछ बच्चे वहां खेल रहे थे। आरोप है कि बच्चों के खेलने से नाराज सुपरिटेंडेंट प्रशांत मेश्राम ने इसे अनुशासनहीनता मानते हुए संबंधित छात्रों के आधे बाल काटने का निर्देश दे दिया।

82 छात्रों के आधे बाल काटे गए

सुपरिटेंडेंट के कथित निर्देश के बाद ट्रिमर से करीब 82 छात्रों के आधे बाल काट दिए गए। बच्चों का यह हेयरकट सामने आने के बाद अभिभावकों में नाराजगी फैल गई। छात्रों की तस्वीरें सामने आने और मामला अधिकारियों तक पहुंचने के बाद स्कूल प्रशासन को सभी बच्चों के बाल बराबर करने का निर्देश दिया गया।

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इसके बाद रात करीब 11 बजे दोबारा बाल काटने का काम शुरू किया गया। यह सिलसिला रविवार तड़के करीब 4 बजे तक चला। इस दौरान छात्रों के आधे कटे बालों को बराबर किया गया।

सुपरिटेंडेंट ने दी अलग वजह

स्कूल सुपरिटेंडेंट प्रशांत मेश्राम ने अपने कदम का बचाव करते हुए कहा कि ऐसा छात्रों की भलाई के लिए किया गया था और इसके पीछे कोई गलत इरादा नहीं था। उनका कहना है कि बारिश के कारण लंबे समय से छात्रों के बाल नहीं कटे थे और कुछ बच्चे नियमित रूप से बाल भी नहीं धो रहे थे।

हालांकि, अनुशासन के नाम पर छात्रों के आधे बाल काटे जाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। अभिभावकों का कहना है कि मामले की सिर्फ नोटिस जारी करने तक सीमित जांच नहीं होनी चाहिए।

हेडमास्टर ने जारी किया कारण बताओ नोटिस

मामला सामने आने के बाद स्कूल के मुख्याध्यापक प्रशांत गिरी ने संबंधित सुपरिटेंडेंट को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उनसे इस कार्रवाई को लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया है।

अभिभावक पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि बच्चों के साथ इस तरह की कार्रवाई को केवल प्रशासनिक नोटिस देकर खत्म नहीं किया जाना चाहिए।

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