23 सितंबर तक पंजीकरण अनिवार्य, वाहनों में निगरानी प्रणाली लगाना जरूरी;
उल्लंघन पर 25 हजार रुपये जुर्माना
रीमा सिंह
मुंबई, 9 सितंबर।
मुंबई में निर्माण और तोड़फोड़ से निकलने वाले मलबे (C&D Waste) के प्रबंधन, परिवहन, प्रसंस्करण और निपटान पर प्रभावी नियंत्रण के लिए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने ‘मुंबई निर्माण मलबा नियंत्रण एवं निगरानी प्रणाली’ (MDCTS) शुरू की है। इसके तहत निर्माण एवं तोड़फोड़ का मलबा उत्पन्न करने, उसका प्रसंस्करण या पुनर्चक्रण करने, अधिकृत स्थानों पर मलबा डालने अथवा भराव के लिए उनका इस्तेमाल करने वाले सभी संबंधित पक्षों के साथ मलबा परिवहन करने वाले वाहनों का 23 सितंबर 2026 तक MDCTS पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य किया गया है।
मलबा ढोने वाले वाहनों में निगरानी प्रणाली जरूरी
BMC के अनुसार, निर्माण एवं तोड़फोड़ का मलबा ले जाने वाले प्रत्येक वाहन में अधिकृत सेवा प्रदाता के माध्यम से ‘वाहन निगरानी एवं ट्रैकिंग प्रणाली’ (VTMS) लगाना और उसे चालू स्थिति में रखना अनिवार्य होगा। इसके अलावा निर्धारित प्रारूप में निर्माण एवं तोड़फोड़ मलबा प्रबंधन योजना (C&D Waste Management Plan) भी प्रस्तुत करनी होगी।
निर्माण कार्य के दौरान खुदाई से निकलने वाले मलबे को निर्माण एवं तोड़फोड़ के मलबे से अलग रखना होगा और उसकी अलग से ढुलाई करनी होगी। मलबा परिवहन के लिए केवल पंजीकृत और अधिकृत परिवहनकर्ता की ही नियुक्ति की जा सकेगी।
अधिकृत स्थानों पर ही मलबे का निपटान
BMC ने स्पष्ट किया है कि निर्माण एवं तोड़फोड़ का मलबा केवल महानगरपालिका द्वारा अधिकृत स्थानों पर ही ले जाकर डाला या उसका निपटान किया जा सकेगा। मलबा ले जाने वाले वाहनों को पूरी तरह ढकना अनिवार्य होगा, ताकि परिवहन के दौरान मलबा सड़क पर न गिरे और धूल के कारण वायु प्रदूषण न हो।
उल्लंघन पर 25 हजार रुपये का जुर्माना
MDCTS पर पंजीकरण नहीं कराने वाले या महानगरपालिका द्वारा अधिकृत सेवा प्रदाता से मान्यता प्राप्त और चालू VTMS के बिना निर्माण एवं तोड़फोड़ का मलबा ले जाने वाले वाहनों पर ठोस कचरा प्रबंधन उपविधि, 2025 के तहत प्रति वाहन और प्रति उल्लंघन 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
इसके अलावा, अनधिकृत रूप से मलबा डालने, बिना अनुमति मलबे का परिवहन या निपटान करने तथा अन्य नियमों का उल्लंघन करने पर काम बंद कराने, अनुमति रद्द करने, बैंक गारंटी जब्त करने सहित अन्य दंडात्मक और कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
11 अगस्त की कार्यपद्धति के आधार पर प्रणाली
BMC प्रशासन के अनुसार, महानगरपालिका आयुक्त अश्विनी भिडे के निर्देश पर अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (पश्चिमी उपनगर) डॉ. विपिन शर्मा के मार्गदर्शन और उपायुक्त (ठोस कचरा प्रबंधन) किरण दिघावकर की निगरानी में ठोस कचरा प्रबंधन को प्रभावी बनाने के लिए विभिन्न उपाय किए जा रहे हैं। इसी क्रम में निर्माण एवं तोड़फोड़ मलबा प्रबंधन नियम, 2025 तथा BMC द्वारा 11 अगस्त 2026 को जारी कार्यपद्धति के आधार पर MDCTS विकसित की गई है।
महानगरपालिका ने संबंधित सभी परियोजना संचालकों, मलबा उत्पन्न करने वाले संस्थानों, प्रसंस्करण एवं पुनर्चक्रण इकाइयों तथा परिवहनकर्ताओं से 23 सितंबर 2026 तक अनिवार्य पंजीकरण पूरा करने की अपील की है। अधिक जानकारी और समय-समय पर जारी होने वाले निर्देशों के लिए MDCTS पोर्टल पर जाने को कहा गया है।
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