न्यूज़म ब्यूरो
मुंबई, 16 सितंबर। मानखुर्द इलाके में गणपति विसर्जन जुलूस के दौरान एक तड़ीपार आरोपी को गिरफ्तार करने पहुंची पुलिस टीम पर उसके परिजनों और समर्थकों द्वारा कथित रूप से हमला किए जाने का मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, घटना में एक पुलिस अधिकारी और कांस्टेबल घायल हुए हैं। पुलिस ने मकोका के एक आरोपी एवं तड़ीपार गैंगस्टर श्रवण जनार्दन चव्हाण (26) समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, श्रवण चव्हाण को मुंबई और ठाणे की सीमा से जून 2027 तक तड़ीपार किया गया है। इसके बावजूद उसके गणपति विसर्जन जुलूस में शामिल होने की सूचना पुलिस को मिली थी। बताया गया कि वह मानखुर्द-गोवंडी इलाके में आयोजित एकता मित्र मंडल के गणेशोत्सव कार्यक्रम और विसर्जन जुलूस में पहुंच सकता है।
सूचना के आधार पर पुलिस ने पी. एल. लोखंडे मार्ग और गायकवाड़ नगर इलाके में निगरानी बढ़ाई। पुलिस के मुताबिक, जैसे ही श्रवण चव्हाण विसर्जन जुलूस में पहुंचा, टीम ने उसे हिरासत में लेने की कोशिश की। इसी दौरान उसके परिजनों और समर्थकों ने कथित तौर पर पुलिस का विरोध शुरू कर दिया।
कांस्टेबल का गला दबाने का आरोप
पुलिस का आरोप है कि हिरासत में लिए जाने के दौरान श्रवण चव्हाण ने कांस्टेबल सुनील सोनावणे के साथ हाथापाई की और उनका गला दबाने की कोशिश की। पुलिस के अनुसार, कांस्टेबल के गले और छाती पर नाखून से चोटें आईं।
इसके बाद मौके पर मौजूद लोगों ने पुलिस टीम को घेर लिया और कथित तौर पर पत्थरों तथा घूंसों से हमला किया। पुलिस वाहनों पर भी पथराव किए जाने की बात सामने आई है। इसी दौरान एक महिला द्वारा ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारी की आंख पर मुक्का मारने का आरोप है। चोट लगने के बाद अधिकारी को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया।
अतिरिक्त पुलिस बल ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलने के बाद अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने श्रवण चव्हाण, उसके साथी समाधान पांडुरंग वाघमारे समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
घायल पुलिस अधिकारी और कांस्टेबल सुनील सोनावणे को शताब्दी अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया है। पुलिस अधिकारी की आंख में चोट को देखते हुए चिकित्सकों द्वारा उनकी निगरानी की जा रही है।
पहले से दर्ज हैं कई मामले
पुलिस के अनुसार, श्रवण चव्हाण के खिलाफ 2011 से 2020 के बीच हत्या, हत्या के प्रयास, जबरन वसूली, डकैती और महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) समेत कई गंभीर धाराओं में मामले दर्ज हैं। वर्ष 2022 में आर्थर रोड जेल में बंद रहने के दौरान भी उस पर जेलकर्मी के साथ मारपीट करने का आरोप लगा था।
मानखुर्द की ताजा घटना के संबंध में पुलिस ने तड़ीपारी आदेश के उल्लंघन, सरकारी कर्मचारी पर हमला, दंगा और पुलिस टीम पर पथराव समेत विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अब घटना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
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