देहरादून, चेन्नई, सिलवासा, कोलकाता और हैदराबाद में होंगे विशेष कार्यक्रम
रीमा सिंह
मुंबई, 9 सितंबर।
महाराष्ट्र के सांस्कृतिक वैभव और गणेशोत्सव की परंपरा को देश के अन्य हिस्सों तक पहुंचाने के लिए सांस्कृतिक कार्य संचालनालय की ओर से सितंबर में पांच शहरों में विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। देहरादून, चेन्नई, सिलवासा, कोलकाता और हैदराबाद में होने वाले इन कार्यक्रमों में महाराष्ट्र की लोक कला, लोक संगीत, नृत्य और भक्ति परंपराओं की झलक देखने को मिलेगी।
यह पहल सांस्कृतिक कार्य, इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मंत्री एडवोकेट आशीष शेलार की संकल्पना तथा सांस्कृतिक कार्य विभाग की सचिव डॉ. किरण कुलकर्णी के मार्गदर्शन में आयोजित की जा रही है।
देहरादून से होगी शुरुआत
डॉ. किरण कुलकर्णी ने बताया कि ‘लोकगीतों में श्री गणेश’ और ‘महा गणेशोत्सव- महाराष्ट्र का राज्य उत्सव’ के तहत विभिन्न शहरों में कार्यक्रम होंगे। देहरादून में 16 सितंबर को शाम 6 बजे इंदिरा गांधी नेशनल फॉरेस्ट एकेडमी में ‘लोकगीतों में श्री गणेश’ कार्यक्रम आयोजित होगा।
चेन्नई में लोक कलाओं की प्रस्तुति
चेन्नई में 20 सितंबर को शाम 6.30 बजे कृष्ण गान सभा में कार्यक्रम होगा। यहां नमन, गान, जाखड़ी नृत्य, मंगलागौर, आदिवासी नृत्य, धनगरी नृत्य, कोली नृत्य तथा जागरण-गोंधल जैसी महाराष्ट्र की पारंपरिक कलाओं की प्रस्तुतियां होंगी।
सिलवासा और कोलकाता में भी आयोजन
सिलवासा में 21 सितंबर को शाम 6 बजे कला केंद्र, बाल उद्यान के सामने कार्यक्रम होगा। इसमें लेझीम, गान-गोंधल, बाल्या नृत्य, शास्त्रीय नृत्य और विभिन्न गीतों पर आधारित संगीत कार्यक्रम प्रस्तुत किया जाएगा। कोलकाता में 22 सितंबर को शाम 7.30 बजे महाराष्ट्र निवास के तिलक हॉल में कार्यक्रम आयोजित होगा।
हैदराबाद में दिखेगा महाराष्ट्र का सांस्कृतिक वैभव
हैदराबाद में 23 सितंबर को शाम 7 बजे भारतीय विद्या भवन, किंगकोटी में विशेष कार्यक्रम होगा। इसमें प्रार्थना, गणपति स्तवन, नमन, ओवी, मंगलागौर के गीत, भक्ति गीत, गीतरामायण, पारंपरिक लोक संगीत, देवीचा गोंधल, कोली गीत और देशभक्ति गीत प्रस्तुत किए जाएंगे।
लोक परंपराओं के प्रसार पर जोर
सांस्कृतिक कार्य विभाग के अनुसार, महाराष्ट्र की लोक कलाएं और भक्ति परंपराएं गणेशोत्सव के माध्यम से राज्य की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान को अभिव्यक्त करती हैं। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य महाराष्ट्र की लोक कला और परंपराओं को राज्य से बाहर व्यापक मंच देना तथा देश के विभिन्न राज्यों के लोगों को महाराष्ट्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराना है।
सांस्कृतिक कार्य संचालनालय के निदेशक प्रशांत खेडेकर ने संबंधित शहरों और आसपास के लोगों से बड़ी संख्या में कार्यक्रमों में शामिल होने और महाराष्ट्र की लोक कला एवं सांस्कृतिक परंपराओं का आनंद लेने की अपील की।
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