दशहरा सम्मेलन अब ‘हंसरा सम्मेलन’ बन गया है: भाजपा

भाजपा के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता ने उद्धव ठाकरे और संजय राऊत पर साधा निशाना, कहा- जनता ने कमजोर किया राजनीतिक अस्तित्व, परियोजनाओं का विरोध करने पर भी घेरा, कोंकण के विकास में बाधा डालने का लगाया आरोप

न्यूज़म ब्यूरो

मुंबई, 21 अक्टूबर । भाजपा के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता नवनाथ बन ने शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के प्रमुख उद्धव ठाकरे और सांसद संजय राऊत पर निशाना साधते हुए कहा कि दशहरा सम्मेलन में कभी विचारों का सोना लुटाने की परंपरा थी, लेकिन अब इसे ‘हंसरा सम्मेलन’ बना दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिवतीर्थ पर आयोजित कार्यक्रम में उद्धव ठाकरे और संजय राऊत की बयानबाजी किसी कॉमेडी शो से कम नहीं थी। बन बुधवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित पत्रकार परिषद को संबोधित कर रहे थे।

संजय राऊत के बयानों पर तंज

नवनाथ बन ने संजय राऊत की बयानबाजी पर टिप्पणी करते हुए कहा कि उनके नए-नए दावों और राजनीतिक भविष्यवाणियों पर महाराष्ट्र में हंसी हो रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि दूसरों पर टिप्पणी करने से पहले उद्धव ठाकरे गुट को अपनी राजनीतिक स्थिति पर विचार करना चाहिए। बन ने उद्धव ठाकरे और संजय राऊत की तुलना हास्य कलाकारों से करते हुए आरोप लगाया कि उनके बयानों को जनता गंभीरता से नहीं लेती।

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अप्रैल में सत्ता परिवर्तन के दावे पर सवाल

संजय राऊत के अप्रैल में सत्ता परिवर्तन होने के दावे पर प्रतिक्रिया देते हुए बन ने कहा कि एक अप्रैल को अप्रैल फूल बनाया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि अब तक विपक्ष जनता को भ्रमित करता रहा है, लेकिन अब वह अपने कार्यकर्ताओं और खुद को भी भ्रमित कर रहा है।

राजनीतिक हत्या के आरोपों पर बन ने कहा कि भारत संविधान और लोकतंत्र के आधार पर चलता है। उनके अनुसार, जनता चुनावों के माध्यम से राजनीतिक दलों का भविष्य तय करती है। उन्होंने दावा किया कि विधानसभा और महानगरपालिका चुनावों में महाराष्ट्र की जनता ने उद्धव ठाकरे गुट को कमजोर किया, जबकि पंचायत समिति और जिला परिषद चुनावों में भी उसे अपेक्षित सफलता नहीं मिली।

फडणवीस सरकार पर जताया भरोसा

नवनाथ बन ने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में महाराष्ट्र सुरक्षित है। उन्होंने संजय राऊत से सवाल किया कि वे किस राजनीतिक गिरोह की बात कर रहे हैं। बन ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व को देश गंभीरता से लेता है, जबकि महाराष्ट्र में देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व को जनता का समर्थन मिला है।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता ही सर्वोपरि होती है और वही तय करती है कि किस राजनीतिक दल को सत्ता में लाना है और किसे विपक्ष में बैठाना है।

विकास परियोजनाओं के विरोध पर उद्धव गुट को घेरा

भाजपा प्रवक्ता ने कोंकण क्षेत्र में प्रस्तावित रिफाइनरी और डेटा सेंटर जैसी परियोजनाओं के विरोध को लेकर भी उद्धव ठाकरे गुट पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि यह गुट पहले परियोजनाओं का विरोध करता है और बाद में रोजगार के अवसर उपलब्ध नहीं कराने तथा उद्योगों के दूसरे राज्यों में चले जाने का मुद्दा उठाता है।

बन ने कहा कि किसी परियोजना में खामियां होने पर विपक्ष को सरकार के सामने अपनी आपत्तियां रखनी चाहिए। सरकार को उन कमियों को दूर करने के लिए कदम उठाने चाहिए। हालांकि, हर परियोजना का बिना किसी विचार-विमर्श के विरोध करना उचित नहीं है।

उन्होंने आरोप लगाया कि उद्धव ठाकरे गुट की लगातार विरोध करने की नीति के कारण कोंकण क्षेत्र के विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। बन ने कहा कि रोजगार और औद्योगिक विकास के लिए जरूरी परियोजनाओं पर राजनीतिक विरोध के बजाय रचनात्मक चर्चा होनी चाहिए।

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