न्यूज़म ब्यूरो
मुंबई, 29 सितंबर। मुंबई क्राइम ब्रांच की विभिन्न इकाइयों ने लंबे समय से फरार चल रहे तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक आरोपी पिछले 15 वर्ष से, दूसरा 10 वर्ष से गैर-जमानती वारंट के तहत और तीसरा आरोपी 17 वर्ष से न्यायालयीन कार्यवाही से फरार था। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।
क्राइम ब्रांच कक्ष-8 की टीम ने वर्ष 2011 के धोखाधड़ी के मामले में फरार आरोपी गणेश गोविंद नंदमेहेर को डोंबिवली से गिरफ्तार किया। आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 और 34 के तहत मामला दर्ज था। पुलिस के अनुसार, आरोपी लंबे समय से न्यायालय में सुनवाई के दौरान उपस्थित नहीं हो रहा था। इसके बाद न्यायालय ने पहले गिरफ्तारी वारंट और बाद में उसके खिलाफ जाहीरनामा जारी किया था। गोपनीय सूचना के आधार पर पुलिस ने उसका पता लगाकर उसे गिरफ्तार किया।
वहीं, कक्ष-9 की टीम ने वर्ष 2016 के एक मामले में अब्दुल माजिद हनीफ शेख को माहीम से गिरफ्तार किया। आरोपी के खिलाफ धारा 182, 120(ब) और 34 के तहत मामला दर्ज है। उसके खिलाफ अतिरिक्त न्यायदंडाधिकारी, 37वें न्यायालय, किला कोर्ट, मुंबई ने गैर-जमानती वारंट जारी किया था। पुलिस टीम ने तकनीकी जांच और गोपनीय सूचना के आधार पर आरोपी के माहीम आने की जानकारी हासिल की और उसे हिरासत में लेकर गिरफ्तार किया।
इसी तरह क्राइम ब्रांच कक्ष-12 की टीम ने राजू रामा यादव (35) को नालासोपारा पूर्व, पालघर से गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, वर्ष 2009 के मामले में जमानत मिलने के बाद आरोपी पिछले 17 वर्षों से न्यायालय में सुनवाई के लिए उपस्थित नहीं हो रहा था। उसके खिलाफ न्यायालय ने जाहीरनामा जारी किया था। स्थानीय पते पर आरोपी नहीं मिलने के बाद तकनीकी जांच के जरिए उसके ठिकाने का पता लगाया गया और 23 सितंबर 2026 को उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
क्राइम ब्रांच के अधिकारियों के अनुसार, तीनों आरोपियों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए संबंधित न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।
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