खाद्य सुरक्षा जांच में सफाई, तापमान नियंत्रण और खाद्य पदार्थों के भंडारण में मिलीं खामियां; लिखित अनुमति मिलने तक रेस्तरां बंद रखने का आदेश।
राहुल गुप्ता
छत्रपति संभाजीनगर, 14 अक्टूबर। महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) के आयुक्त तुकाराम मुंढे इन दिनों लगातार की जा रही कार्रवाई को लेकर चर्चा में हैं। मिलावट और खाद्य सुरक्षा से जुड़े मामलों में प्रशासन की सख्ती के बीच छत्रपति संभाजीनगर के बीड बायपास स्थित केएफसी रेस्तरां का खाद्य लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निरीक्षण के दौरान खाद्य पदार्थों के भंडारण, स्वच्छता और तापमान नियंत्रण से जुड़ी कई खामियां सामने आईं। प्रशासन ने सभी कमियों को दूर करने और लिखित अनुमति मिलने तक रेस्तरां का संचालन बंद रखने के निर्देश दिए हैं।
जांच में खाद्य सुरक्षा से जुड़ी कई खामियां मिलीं
यह रेस्तरां शाहनूरवाड़ी इलाके में स्थित है और इसका संचालन सफायर फूड्स इंडिया लिमिटेड करती है। एफडीए की अचानक की गई जांच में कच्चे और पके हुए खाद्य पदार्थों को अलग-अलग नहीं रखने की बात सामने आई। इसके अलावा, शाकाहारी और मांसाहारी भोजन को अलग रखने की व्यवस्था में भी खामियां पाई गईं।
निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई में कमी, तापमान नियंत्रण से जुड़ी समस्याएं और कीट नियंत्रण के रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं होने जैसी बातें भी सामने आईं। इन कमियों के आधार पर प्रशासन ने रेस्तरां का खाद्य लाइसेंस तत्काल निलंबित कर दिया। निर्देशों के मुताबिक, सभी खामियों को दूर करने और प्रशासन से लिखित अनुमति मिलने के बाद ही कारोबार दोबारा शुरू किया जा सकेगा।
नवरात्रि को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग सतर्क
नवरात्रि महोत्सव के दौरान तुलजापुर में भी खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है। श्रद्धालुओं को स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के लिए 20 खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को तैनात किया गया है। ये अधिकारी होटल, खाद्य पदार्थों की रेहड़ियों और अस्थायी दुकानों की जांच कर रहे हैं।
इसके साथ ही दवाओं की बिक्री पर निगरानी रखने के लिए 5 औषधि निरीक्षकों की नियुक्ति की गई है। नकली दवाओं की बिक्री रोकने के लिए भी विशेष निगरानी की तैयारी की गई है।
राज्यभर में कार्रवाई, तबादले की चर्चा भी
खाद्य एवं औषधि प्रशासन की कार्रवाई केवल छत्रपति संभाजीनगर और तुलजापुर तक सीमित नहीं है। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और दवाओं की बिक्री पर नजर रखी जा रही है। तुकाराम मुंढे के आयुक्त का पद संभालने के बाद विभाग की कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज हुई है।
इसी बीच मुंढे के संभावित तबादले को लेकर भी चर्चाएं सामने आई हैं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में उनके तबादले को लेकर किसी आधिकारिक निर्णय की पुष्टि नहीं की गई है।
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