न्यूज़म ब्यूरो
मुंबई, 1 सितंबर
दिनांक 28 मार्च 2024 को मुंबई अपराध शाखा की कक्ष-10 को एक गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने ओशिवरा पुलिस थाना क्षेत्र में छापेमारी की। इस दौरान आरोपी आकाश अनिल सिंह, उम्र 26 वर्ष, के कब्जे से 55 ग्राम एमडी बरामद किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत 11 लाख रुपये थी।
वहीं दूसरे आरोपी भवन हयात सिंह अधिकारी, उम्र 40 वर्ष, के कब्जे से 105 ग्राम एमडी बरामद किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत 32 लाख रुपये थी।
दोनों आरोपियों के पास से कुल 160 ग्राम मेफेड्रोन (एमडी)बरामद किया गया, जिसकी कुल अनुमानित कीमत 43 लाख रुपये है। दोनों आरोपी इस मादक पदार्थ को अवैध रूप से अपने कब्जे में रखकर उसकी तस्करी, बिक्री और व्यापार करने के उद्देश्य से रखे हुए थे।
इस संबंध में दिनांक 28 मार्च 2024 को मुंबई अपराध शाखा कक्ष-10 में अपराध क्रमांक 28/2024 तथा ओशिवरा पुलिस थाने में अपराध क्रमांक 309/2024 दर्ज किया गया। आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम, 1985 की धारा 8(सी), 22(सी) और 29 के तहत मामला दर्ज किया गया।
मामले की जांच कक्ष-10 के तत्कालीन जांच अधिकारी पुलिस निरीक्षक मनोज सुतार और उनकी जांच टीम द्वारा की गई। जांच टीम ने वैज्ञानिक और तकनीकी तरीकों का उपयोग करते हुए मामले की गहन जांच की। जांच के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों, दस्तावेजों, गवाहों के बयान और अन्य महत्वपूर्ण तथ्यों को एकत्र कर मुंबई के माननीय विशेष सत्र न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया गया।
मामले की सुनवाई के दौरान जांच अधिकारी पुलिस निरीक्षक मनोज सुतार, सहायक जांच अधिकारी सहायक पुलिस निरीक्षक धनराज चौधरी, सहायक पुलिस निरीक्षक गणेश तोडकर तथा पैरवी अधिकारियों ने मामले से जुड़े साक्ष्यों और जांच से संबंधित तथ्यों को प्रभावी ढंग से न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया।
पुलिस द्वारा की गई गहन जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के प्रभावी प्रस्तुतीकरण के आधार पर मुंबई के माननीय विशेष सत्र न्यायालय ने दोनों आरोपियों को दोषी ठहराया।
विशेष सत्र न्यायालय, मुंबई ने दिनांक 31 अगस्त 2026 को दोनों आरोपियों को 10 वर्ष के सश्रम कारावास और एक-एक लाख रुपये जुर्मानेकी सजा सुनाई। साथ ही, जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में दोनों आरोपियों को एक वर्ष का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
सजा पाए आरोपियों के नाम:
1. आकाश अनिल सिंह, उम्र 26 वर्ष
2. भवन हयात सिंह अधिकारी, उम्र 40 वर्ष
यह कार्रवाई मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती, संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) अनिल कुंभारे, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) **कृष्णकांत उपाध्याय, पुलिस उपायुक्त (प्रकटीकरण-1) नवनाथ ढवले तथा सहायक पुलिस आयुक्त डी-वेस्ट धर्मपाल बनसोडे के मार्गदर्शन में की गई।
इस कार्रवाई में कक्ष-10 के प्रभारी पुलिस निरीक्षक
विशाल राजे, तत्कालीन पुलिस निरीक्षक मनोज सुतार, सहायक पुलिस निरीक्षक धनराज चौधरी महिला सहायक पुलिस निरीक्षक पूनम यादव, सहायक पुलिस निरीक्षक गणेश तोडकर सहायक पुलिस उपनिरीक्षक अहमद शेख तथा अन्य पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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