शिवाजी पार्क में प्रदर्शन के दौरान पुलिस और शिवसेना (यूबीटी) कार्यकर्ताओं के बीच झड़प, कई कार्यकर्ता हिरासत में लिए गए
राहुल गुप्ता
मुंबई, 12 अक्टूबर। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर रविवार को मुंबई के दादर स्थित शिवाजी पार्क में विरोध प्रदर्शन के दौरान तनाव पैदा हो गया। पुलिस और शिवसेना (यूबीटी) के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई। आदित्य ठाकरे और तेजस ठाकरे भी मौके पर पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान शिवसेना (यूबीटी) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया। खबरों के मुताबिक, हिरासत में लिए गए कई कार्यकर्ताओं को देर रात रिहा कर दिया गया। दोनों दलों ने सोमवार को फिर आंदोलन करने का ऐलान किया।
शिवाजी पार्क में पुलिस का कड़ा बंदोबस्त
दिल्ली में प्रदर्शन के बाद मुंबई में भी मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया गया था। रविवार शाम 4 बजे प्रस्तावित प्रदर्शन के लिए पुलिस से अनुमति नहीं मिलने के बावजूद बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शिवाजी पार्क इलाके में जुटने लगे। इसके बाद पुलिस ने क्षेत्र की ओर जाने वाली सड़कों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी और वाहनों की जांच शुरू कर दी।
प्रदर्शन से पहले कुछ कार्यकर्ताओं और सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि दमानिया को हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई। हिरासत में लिए गए लोगों को पुलिस वैन से थाने ले जाया गया। इस कार्रवाई के बाद शिवसेना (यूबीटी) और मनसे के कार्यकर्ता जमा हो गए। गिरफ्तारी को लेकर पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई, जिससे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
आदित्य ठाकरे ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
घटनाक्रम के दौरान आदित्य ठाकरे और तेजस ठाकरे भी मौके पर पहुंचे। हिरासत में लिए गए शिवसैनिकों की रिहाई की मांग करते हुए आदित्य ठाकरे ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। वह पुलिस वाहन पर चढ़ गए और उसे रोकने के लिए सड़क पर बैठ गए। इसके बाद दोनों नेता शिवाजी पार्क पुलिस थाने पहुंचे, जहां बड़ी संख्या में कार्यकर्ता जमा हो गए।
आदित्य ठाकरे ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण आंदोलन को जानबूझकर बिगाड़ने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने वालों की आवाज दबाने का प्रयास बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अमित ठाकरे को रोके जाने पर मनसे कार्यकर्ता नाराज
मनसे नेता अमित ठाकरे भी प्रदर्शन को समर्थन देने शिवाजी पार्क पहुंचे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें धरना स्थल की ओर जाने से रोक दिया। इस कार्रवाई से मनसे कार्यकर्ताओं में नाराजगी फैल गई। अमित ठाकरे ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि पुलिस को दबाव में काम नहीं करना चाहिए।
शिवसेना (यूबीटी) विधायक महेश सावंत ने भी पुलिस की कार्रवाई पर आपत्ति जताई। उन्होंने शिवसेना भवन में पुलिस के प्रवेश के प्रयास को लेकर सवाल उठाए।
भाजपा ने नियमों के दायरे में आंदोलन की अपील की
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता नवनाथ बन ने बिना अनुमति प्रदर्शन करने पर आपत्ति जताई। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से संवैधानिक दायरे में रहकर आंदोलन करने और आम नागरिकों को परेशानी नहीं पहुंचाने की अपील की। उन्होंने तुषार गांधी के मामले में कहा कि उन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया, बल्कि पूछताछ के लिए बुलाया गया था।
पुणे में भी प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया
मुंबई के अलावा पुणे में भी पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई की। सीजेपी के कार्यकर्ताओं ने गुडलक चौक पर विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया था। इसे देखते हुए पुलिस ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई और कुछ कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया।
इस बीच शिवसेना (यूबीटी) और मनसे ने सोमवार को भी आंदोलन जारी रखने की घोषणा की। इससे मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर महाराष्ट्र में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।
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