महाराष्ट्र में गरबा-डांडिया को लेकर VHP का बड़ा फैसला, मुस्लिमों की भागीदारी पर रोक लगाने की घोषणा

नवरात्रि कार्यक्रमों के आयोजकों के लिए विश्व हिंदू परिषद ने जारी की गाइडलाइन; आधार कार्ड जांच और हिंदू पहचान की पुष्टि की बात कही

Rahul Gupta

मुंबई, 5 सितंबर।

महाराष्ट्र में नवरात्रि के दौरान होने वाले गरबा-डांडिया कार्यक्रमों को लेकर विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने बड़ा फैसला लिया है। VHP ने राज्य में आयोजित होने वाले गरबा और डांडिया कार्यक्रमों में मुस्लिमों की भागीदारी की अनुमति नहीं देने की बात कही है। संगठन की ओर से आयोजकों के लिए कुछ दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं। नवरात्रि का उत्सव 10 दिनों तक चलेगा।

आयोजकों के लिए जारी की गई गाइडलाइन

VHP के राष्ट्रीय प्रवक्ता और संयुक्त सचिव श्रीराज नायर ने कहा कि संगठन ने नवरात्रि उत्सव के दौरान गरबा-डांडिया कार्यक्रमों में मुस्लिमों की भागीदारी की अनुमति नहीं देने का फैसला किया है। संगठन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों में कार्यक्रम में आने वाले लोगों के आधार कार्ड की जांच और उनकी हिंदू पहचान की पुष्टि करने की बात कही गई है।

Advertisement

VHP की ओर से तर्क दिया गया है कि नवरात्रि केवल गीत और नृत्य का आयोजन नहीं, बल्कि देवी की पूजा से जुड़ा धार्मिक उत्सव है। संगठन का कहना है कि जो लोग मूर्ति पूजा में विश्वास नहीं रखते, उनके ऐसे धार्मिक आयोजनों में शामिल होने को लेकर सवाल उठता है।

VHP ने इसे बताया एहतियाती कदम

श्रीराज नायर ने कहा कि कार्यक्रमों में मुस्लिमों को शामिल नहीं होने देने का फैसला किसी समुदाय के खिलाफ नहीं है। उन्होंने कहा कि VHP त्योहारों को हिंदुओं की सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न हिस्सा मानती है और इसे कमजोर नहीं होने देना चाहती।

VHP ने धर्म परिवर्तन और गोहत्या के विरोध को अपने प्रमुख एजेंडे में शामिल बताया है। संगठन का कहना है कि गरबा-डांडिया कार्यक्रमों को लेकर जारी किए गए प्रतिबंधात्मक दिशा-निर्देश एहतियाती उपाय हैं और इनका उद्देश्य किसी समुदाय के खिलाफ कार्रवाई करना नहीं है।

मोहन भागवत के बयान का भी जिक्र

VHP के इस फैसले के बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत के हालिया बयान की भी चर्चा हो रही है। न्यूयॉर्क में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भागवत ने सभी समुदायों की ओर इशारा करते हुए इंसानी गरिमा और समानता की बात कही थी।

भागवत ने यह भी कहा था कि अगर कोई हिंदू यह सोचता है कि भारत में मुसलमान नहीं होने चाहिए, तो वह हिंदू नहीं रहेगा। उनके इस बयान को लेकर भी यह चर्चा हो रही है कि एक ओर RSS प्रमुख समावेशी दृष्टिकोण की बात कर रहे हैं, वहीं VHP की ओर से नवरात्रि कार्यक्रमों में मुस्लिमों की भागीदारी को लेकर प्रतिबंध की घोषणा की गई है।

पढ़ने के लिए धन्यवाद

आपका समय और भरोसा हमारे लिए बहुत मायने रखता है। अगर यह खबर आपके लिए उपयोगी रही, तो हमसे जुड़े रहें — हर ज़रूरी खबर के लिए Newsam को फ़ॉलो करें।

Add a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement
↑
Tap to Refresh