उद्धव ठाकरे ने लोकतंत्र, चुनाव और आंदोलन के अधिकारों का हवाला देते हुए सत्ता के खिलाफ सामूहिक संघर्ष की अपील की।
राहुल गुप्ता
मुंबई, 18 अक्टूबर। शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने प्रशांत भूषण के ‘सत्ता परिवर्तन’ वाले बयान का समर्थन करते हुए कहा कि यदि लोगों से चुनाव के जरिए अपनी राय रखने और आंदोलन करने का अधिकार छीना जा रहा है, तो वे सत्ता परिवर्तन के लिए खड़े हैं। मुंबई के वाई. बी. चव्हाण सेंटर के रंगस्व सभागृह में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने लोकतंत्र की रक्षा के लिए सभी से एकजुट होने की अपील की।
उद्धव ठाकरे ने कहा कि लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई किसी एक व्यक्ति के प्रयास से नहीं जीती जा सकती। इसके लिए सभी को मिलकर काम करना होगा, अन्यथा सभी को नुकसान उठाना पड़ेगा।
दिल्ली में पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
उद्धव ठाकरे ने दिल्ली में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि सत्ता परिवर्तन की बात पर सवाल उठाए जा रहे हैं, तो यह भी पूछा जाना चाहिए कि दिल्ली में हजारों पुलिसकर्मियों को तैनात करने की जरूरत क्यों पड़ी।
उन्होंने कहा कि ऐसी सरकार के खिलाफ आवाज उठनी चाहिए और इसी उद्देश्य से सभी लोग एक साथ खड़े हैं। उनके मुताबिक, लोकतंत्र में चुनाव के माध्यम से अपनी राय व्यक्त करने और आंदोलन करने का अधिकार महत्वपूर्ण है।
‘लोकतंत्र बचाने के लिए सबका योगदान जरूरी’
उद्धव ठाकरे ने लोकतंत्र की रक्षा के लिए गोवर्धन पर्वत उठाने का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि जैसे गोवर्धन पर्वत उठाने में सभी का योगदान था, वैसे ही लोकतंत्र को बचाने के लिए भी हर व्यक्ति को अपनी भूमिका निभानी होगी।
उन्होंने कहा कि किसी एक व्यक्ति के प्रयास से यह लड़ाई पूरी नहीं हो सकती। सभी लोग मिलकर योगदान देंगे, तभी लोकतंत्र को बचाने का प्रयास सफल हो सकेगा।
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