अभिनेता के निधन की खबर सबसे पहले कन्फर्म करने वाले मल्हार ने कैमरे से दूरी रखी, फिल्म निर्माण में बनाया अपना करियर
राहुल गुप्ता
मुंबई, 8 अक्टूबर। नाना पाटेकर के निधन के बाद उनके परिवार और निजी जिंदगी से जुड़े कई पहलू चर्चा में हैं। 75 वर्षीय अभिनेता का 8 अक्टूबर को गोवा स्थित आवास पर कार्डियक अरेस्ट के बाद निधन हुआ। उनके बेटे मल्हार पाटेकर ने ही निधन की खबर की पुष्टि की थी।
नाना पाटेकर और नीलकांति पाटेकर के बेटे मल्हार ने अपने पिता की लोकप्रियता के बावजूद खुद को लाइमलाइट से दूर रखा। उन्होंने अभिनेता के तौर पर लगातार काम करने के बजाय फिल्म निर्माण और पर्दे के पीछे की दुनिया को अपना करियर बनाया।
कैमरे के सामने नहीं, फिल्म निर्माण में बनाई पहचान
मल्हार बचपन से ही फिल्मों से जुड़े रहे, लेकिन उन्होंने अपने पिता की तरह अभिनय को मुख्य करियर नहीं बनाया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने शुरुआती पढ़ाई मुंबई के सरस्वती मंदिर हाई स्कूल से की और बाद में कॉमर्स से ग्रेजुएशन किया। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने फिल्म निर्माण के क्षेत्र में काम शुरू किया और असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर अनुभव हासिल किया।
उनके करियर की एक खास बात यह रही कि उन्होंने फिल्मी परिवार से आने के बावजूद स्टार बनने की दौड़ से दूरी बनाए रखी। उनका फोकस फिल्म के तकनीकी और रचनात्मक पक्ष को समझने पर रहा।
पिता की फिल्म में बाल कलाकार बने थे मल्हार
मल्हार ने अभिनय से पूरी तरह दूरी भी नहीं बनाई थी। 1991 में रिलीज हुई नाना पाटेकर की निर्देशित फिल्म ‘प्रहार: द फाइनल अटैक’ में उन्होंने बाल कलाकार के तौर पर काम किया था। इसके बाद उन्होंने कैमरे के सामने नियमित करियर बनाने के बजाय फिल्म निर्माण को प्राथमिकता दी।
उन्होंने राम गोपाल वर्मा की फिल्म ‘द अटैक्स ऑफ 26/11’ में असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर भी काम किया। इससे उनके फिल्म निर्माण के प्रति रुझान का पता चलता है।
‘द लिटिल गॉडफादर’ में भी नजर आए
मल्हार के नाम 2014 की फिल्म ‘द लिटिल गॉडफादर’ का अभिनय क्रेडिट भी जुड़ा है। फिल्म में उन्होंने सपोर्टिंग भूमिका निभाई थी। हालांकि इसके बाद भी उन्होंने अभिनय की दुनिया में खुद को स्थापित करने के बजाय पर्दे के पीछे काम करना जारी रखा।
मल्हार आमतौर पर सार्वजनिक कार्यक्रमों और मीडिया की सुर्खियों से दूर रहे। नाना पाटेकर की लोकप्रियता के बावजूद उन्होंने अपनी निजी जिंदगी को सार्वजनिक चर्चा का हिस्सा नहीं बनने दिया।

नाना के निधन के बाद सामने आया परिवार
नाना पाटेकर के निधन की पुष्टि मल्हार ने की। उन्होंने बताया कि वह उस समय पुणे में थे और गोवा के लिए रवाना हो रहे थे। नाना को गोवा स्थित उनके आवास पर गंभीर हालत में पाया गया था और अस्पताल ले जाने के बाद करीब 45 मिनट तक उन्हें बचाने की कोशिश की गई, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।
नाना पाटेकर का अंतिम संस्कार पुणे स्थित उनके फार्महाउस में राजकीय सम्मान के साथ किए जाने की घोषणा की गई है।
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