मारपीट में घायल दिलीप कांबले की मौत के बाद आखिर क्यों बढ़ानी पड़ी हत्या की धारा? फरार सरपंच पर पुलिस ने दर्ज किया केस

भंडारा के साकोली में 11 सितंबर की मारपीट के बाद 21 सितंबर को हुई थी कांबले की मौत; शव थाने पहुंचाकर हत्या की धारा लगाने और आरोपी की गिरफ्तारी की मांग, करीब ढाई घंटे की जद्दोजहद के बाद पुलिस ने बढ़ाई धारा

राहुल गुप्ता

भंडारा, 25 सितंबर। महाराष्ट्र के भंडारा जिले में मारपीट में घायल दिलीप सदाशिव कांबले की उपचार के दौरान मौत के मामले में साकोली पुलिस ने फरार सरपंच पुरुषोत्तम रुखमोडे के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 103 के तहत हत्या का मामला दर्ज किया है। नागपुर में पोस्टमार्टम के बाद शव साकोली पहुंचने पर कार्यकर्ता परमानंद मेश्राम समेत अन्य लोग शव लेकर पुलिस थाने पहुंचे और आरोपी के खिलाफ हत्या की धारा लगाने के साथ तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।

एसडीपीओ शिवम विसापुरे और थाना प्रभारी आचरेकर के साथ करीब ढाई घंटे तक चली बातचीत और जद्दोजहद के बाद पुलिस ने मामले में हत्या की धारा बढ़ाई। इसके बाद रात करीब 11 बजे शव खैरी गांव ले जाया गया, जहां दफनविधि कर अंतिम संस्कार किया गया।

11 सितंबर की मारपीट में घायल हुए थे कांबले

दिलीप कांबले 11 सितंबर 2026 को हुई मारपीट में घायल हुए थे और उनका उपचार चल रहा था। 21 सितंबर को उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। इस मामले में पहले से साकोली थाने में अपराध दर्ज था।

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शुरुआती मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 (गैर इरादतन हत्या), धारा 351 (2) और अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराएं लगाई गई थीं। कांबले की मौत के बाद पुलिस ने अब भारतीय न्याय संहिता की धारा 103 के तहत हत्या का मामला दर्ज किया है।

मेश्राम ने घटनाओं की पूरी कड़ी की जांच की मांग की

‘अस्मिता का एल्गार’ संगठन के परमानंद मेश्राम ने पुलिस से आरोपी के खिलाफ हत्या की धारा लगाने और तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। उन्होंने कहा कि 11 सितंबर को हुई मारपीट से लेकर 21 सितंबर को हुई मौत तक की पूरी घटनाक्रम की जांच की जानी चाहिए।

मेश्राम ने घटनास्थल, विवाद की वजह, मारपीट की अवधि, इस्तेमाल की गई वस्तु, मौके पर मौजूद लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज करने की मांग की।

सीसीटीवी और डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित रखने की मांग

संगठन की ओर से यह भी मांग की गई कि शुरुआत में मृत्यु के संबंध में गलत जानकारी दिए जाने के पीछे किसी दबाव की भूमिका थी या नहीं, इसकी जांच की जाए। मृतक ने परिजनों, ग्रामीणों या चिकित्सकों को मारपीट के बारे में क्या जानकारी दी थी, इसका भी पता लगाने को कहा गया।

पुलिस पाटील अजय घरड़े की भूमिका की जांच के साथ घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने की मांग की गई। इसके अलावा आरोपी के मोबाइल की लोकेशन, जरूरी कॉल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को भी सुरक्षित रखने की मांग की गई।

संगठन ने यह भी कहा कि आरोपी को मृतक की जाति की जानकारी पहले से थी या नहीं, इससे जुड़े साक्ष्य भी जुटाए जाने चाहिए।

चिकित्सकीय रिकॉर्ड की जांच की मांग

प्रतिनिधिमंडल ने नागपुर मेडिकल कॉलेज सहित उन सभी अस्पतालों के चिकित्सकीय दस्तावेज कब्जे में लेकर जांच करने की मांग की, जहां दिलीप कांबले का उपचार हुआ था। इनमें केस पेपर, एमएलसी, सीटी स्कैन, एमआरआई, एक्स-रे, ऑपरेशन और आईसीयू रिकॉर्ड समेत उपचार से जुड़े अन्य दस्तावेज शामिल हैं।

संगठन ने पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सकों से चोटों की प्रकृति, चोट कितनी पुरानी थी, उनका मारपीट से संबंध और मृत्यु के कारण को लेकर स्पष्ट चिकित्सकीय राय लेने की भी मांग की है।

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