दशहरा रैली में उद्धव ठाकरे ने चुनाव आयोग, भाजपा और महाराष्ट्र सरकार पर निशाना साधा। देवेंद्र फडणवीस को लॉरेंस बिश्नोई के मुद्दे पर खुली चुनौती भी दी।
राहुल गुप्ता
मुंबई, 20 अक्टूबर। विजयादशमी के अवसर पर शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के प्रमुख उद्धव ठाकरे की मौजूदगी में मुंबई के दादर स्थित शिवाजी पार्क में दशहरा रैली आयोजित की गई। इस दौरान ठाकरे ने एकनाथ शिंदे, भाजपा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर तीखा हमला बोला। केंद्रीय चुनाव आयोग के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए उन्होंने सत्ता परिवर्तन को लेकर बड़ा बयान दिया।
‘हम सत्ता परिवर्तन के लिए ही खड़े हैं’
उद्धव ठाकरे ने कहा कि अगर सरकार नागरिकों से मतदान और आंदोलन करने का अधिकार छीनती है, तो सत्ता परिवर्तन की मांग करना जरूरी हो जाता है। उन्होंने कहा, “हां, हम सत्ता परिवर्तन के लिए ही खड़े हुए हैं।”
ठाकरे ने सेना के जवानों का उदाहरण देते हुए कहा कि देश की सीमाओं पर तैनात जवान देश की सुरक्षा करते हैं, इसलिए नागरिक सुरक्षित रहते हैं। अगर उन्हीं जवानों के मतदान के अधिकार छीनने की कोशिश की जाती है, तो फिर सत्ता परिवर्तन क्यों नहीं होना चाहिए?
चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भी साधा निशाना
उद्धव ठाकरे ने सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए पूछा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लिया गया और महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) के अधिकारी भीमनवार को अनिवार्य छुट्टी पर भेजा गया, लेकिन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है?
उन्होंने रावण के वध का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह रावण की नाभि पर प्रहार करने से उसका अंत हुआ था, उसी तरह ज्ञानेश कुमार को बचाने की कोशिश की जा रही है। ठाकरे ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है और आवाज उठाने वालों पर लाठीचार्ज किया जाता है।
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने विद्यार्थियों की समस्याओं को नहीं समझा, तो हालात गंभीर हो सकते हैं।
टाइगर श्रॉफ पर हमले को लेकर सरकार पर सवाल
अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुए हमले का जिक्र करते हुए उद्धव ठाकरे ने एकनाथ शिंदे पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि घटना के बाद शिंदे अभिनेता से मिलने पहुंच गए, जबकि असली सवाल यह है कि ऐसी घटना हुई ही क्यों।
ठाकरे ने कहा कि टाइगर श्रॉफ की जान बच गई, लेकिन अगर गोली थोड़ी और ऊपर लगती, तो नतीजा गंभीर हो सकता था। उन्होंने सवाल किया कि पुलिस की नाकाबंदी के बावजूद हमलावर वहां तक कैसे पहुंचे और पुलिस उन्हें पहले क्यों नहीं पकड़ पाई?
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपनी छवि चमकाने में लगी है, जबकि कानून-व्यवस्था से जुड़े सवालों के जवाब नहीं दिए जा रहे हैं।
फडणवीस को लॉरेंस बिश्नोई के मुद्दे पर चुनौती
उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र में शहरी नक्सलवाद के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने सवाल किया कि राज्य के किन शहरों में शहरी नक्सलवाद है और सरकार इस दावे के समर्थन में क्या आधार पेश कर रही है।
टाइगर श्रॉफ पर हमले के संदर्भ में ठाकरे ने आरोप लगाया कि हमलावर उत्तर प्रदेश की ओर से आए थे और पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। उन्होंने साबरमती जेल में बंद लॉरेंस बिश्नोई का जिक्र करते हुए देवेंद्र फडणवीस को चुनौती दी।
ठाकरे ने कहा कि अगर फडणवीस में सचमुच हिम्मत है, तो वे साबरमती जेल जाकर लॉरेंस बिश्नोई को सामने लाएं और यह सुनिश्चित करें कि उसके नेटवर्क के खिलाफ ठोस कार्रवाई हो। उनके इस बयान से महाराष्ट्र की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप और तेज होने के संकेत हैं।
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