किसानों की आत्महत्या पर विधायक संजय गायकवाड का विवादित बयान, बोले- अंतिम संस्कार में भी न जाए कोई

शिंदे गुट के विधायक ने कहा कि किसानों को आत्महत्या करने के बजाय अपनी समस्याएं सरकार और जनप्रतिनिधियों के सामने रखनी चाहिए।

राहुल गुप्ता

मुंबई, 29 अक्टूबर। महाराष्ट्र के बुलढाणा से शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) के विधायक संजय गायकवाड ने किसानों की आत्महत्या को लेकर विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा कि आत्महत्या करने वाले किसानों के अंतिम संस्कार में भी किसी को शामिल नहीं होना चाहिए। उन्होंने यहां तक कहा कि जब जानवर उनके शव को खाएंगे, तब लोगों को इसके परिणामों का एहसास होगा। उनके इस बयान से विवाद खड़ा होने की आशंका है।

‘किसानों को अपनी समस्याएं सरकार के सामने रखनी चाहिए’

संजय गायकवाड ने कहा कि आर्थिक या अन्य परेशानियों से जूझ रहे किसानों को आत्महत्या करने के बजाय अपनी समस्याएं सरकार, स्थानीय विधायक और सांसद के सामने रखनी चाहिए। उनके मुताबिक, किसान सरकार को पत्र लिखकर अपनी परेशानी बता सकते हैं, ताकि जनप्रतिनिधि मिलकर उनकी मदद करने का प्रयास कर सकें।

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विधायक ने कहा कि आत्महत्या करने वाले किसान अपने पीछे पत्नी और बच्चों को बेसहारा छोड़ जाते हैं। इससे उनके परिवार को लंबे समय तक मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने किसानों से ऐसा कदम उठाने से पहले अपने परिवार और बच्चों के भविष्य के बारे में सोचने की अपील की।

‘जब जानवर शव को खाएंगे, तब एहसास होगा’

गायकवाड ने अपने बयान में कहा कि किसान आत्महत्या करें तो उनके अंतिम संस्कार में भी किसी को नहीं जाना चाहिए। उन्होंने शव को जानवरों द्वारा खाए जाने की बात कहते हुए दावा किया कि इससे लोगों को आत्महत्या के परिणामों का एहसास होगा।

उन्होंने यह भी कहा कि किसान आत्महत्या करके अपने बच्चों को मुश्किलों में छोड़ जाते हैं। उनके अनुसार, किसानों को अपनी पत्नी और बच्चों के भविष्य के बारे में सोचकर ऐसा कदम उठाने से बचना चाहिए।

प्रकाश आंबेडकर की कथित टिप्पणी से जुड़ा मामला

बताया गया है कि मीडिया से बातचीत के दौरान गायकवाड से वंचित बहुजन आघाड़ी के नेता प्रकाश आंबेडकर की किसानों को लेकर कथित टिप्पणी के बारे में सवाल पूछा गया था। इसी के जवाब में उन्होंने किसानों की आत्महत्या का मुद्दा उठाया और अपनी बात रखी।

किसानों की आत्महत्या जैसे संवेदनशील मुद्दे पर गायकवाड की टिप्पणी चर्चा का विषय बन गई है। एक ओर उन्होंने किसानों से आत्महत्या नहीं करने और परिवार के बारे में सोचने की अपील की, वहीं अंतिम संस्कार में शामिल नहीं होने और शव को जानवरों द्वारा खाए जाने संबंधी बयान पर सवाल उठ सकते हैं।

लातूर में 28 वर्षीय किसान ने की आत्महत्या

इस बीच, महाराष्ट्र के लातूर में भी किसान आत्महत्या का मामला सामने आया है। रिपोर्ट के मुताबिक, मराठवाड़ा क्षेत्र में खेती के संकट और कर्ज के बोझ के बीच 28 वर्षीय किसान दत्ता कुंभार ने आत्महत्या कर ली। यह घटना एक बार फिर किसानों की आर्थिक परेशानियों और उनके सामने मौजूद चुनौतियों को उजागर करती है।

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