ऑडियो क्लिप की जांच के लिए एसआईटी गठित, 500 करोड़ रुपये के कथित लेन-देन से जुड़ी रिकॉर्डिंग की होगी जांच
न्यूज़म ब्यूरो
मुंबई, 27 अक्टूबर। मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटिल की कथित ऑडियो क्लिप की जांच के लिए महाराष्ट्र सरकार ने मंगलवार को तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त शैलेश बालकवड़े के नेतृत्व वाली इस टीम में पुलिस उपायुक्त विजयकांत सागर और आईपीएस बजरंग बनसोडे शामिल हैं।
आवाज और रिकॉर्डिंग की प्रामाणिकता जांचेगी टीम
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्देश पर गठित एसआईटी कथित ऑडियो क्लिप की प्रामाणिकता, उसमें सुनाई देने वाली आवाज और उसके प्रसार से जुड़े पहलुओं की जांच करेगी। टीम यह पता लगाएगी कि रिकॉर्डिंग किसने तैयार की, इसे किन लोगों तक पहुंचाया गया और इसमें सुनाई देने वाली आवाज असली है या नहीं। क्लिप को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की मदद से तैयार किए जाने की आशंका की भी पड़ताल की जाएगी।
क्लिप को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप
मनोज जरांगे ने एक पत्रकार वार्ता में कथित ऑडियो क्लिप सार्वजनिक की थी। इसमें चार लोगों के बीच बातचीत होने का दावा किया गया है, जिसमें जरांगे को 500 करोड़ रुपये दिए जाने से संबंधित बातें सुनाई देने की बात कही गई। हालांकि, रिकॉर्डिंग की प्रामाणिकता और उसमें किए गए दावों की अभी पुष्टि नहीं हुई है।
इस क्लिप के सामने आने के बाद महाराष्ट्र में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए। जरांगे ने स्वयं मामले की जांच की मांग की थी। भाजपा और शिवसेना के शिंदे गुट ने भी रिकॉर्डिंग की सच्चाई सामने लाने की मांग की, जबकि विपक्ष ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरा। इसके बाद मुख्यमंत्री ने मामले की गहन जांच के निर्देश दिए।
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